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पुलिस किशोर और गवाह चंद्रभूषण पर करेगी एक और प्राथमिकी

योगेन्द्र पाण्डेय की संदिग्ध मौत के मामले में शक के दायरे में आए वत्स कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर किशोर चिकित्सकों के एक वाक्य ‘इंजुरी विदिन सिक्स ऑवर’ के कारण अपने बनाए जल में ही उलझने वाला है। उसके फर्दबयान के आधार पर डुमरा थाना में दर्ज प्राथमिकी (217/09) की इंजुरी रिपोर्ट आने के बाद सीतामढ़ी पुलिस किशोर और इस मामले में बनाए गए गवाह चंद्रभूषण सिंह पर गलत प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप मढ़ने की तैयारी कर रही है। एसपी छत्रनील सिंह ने इस मामले में दोनों पर धारा 182/211 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और दोनों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।


किशोर ने इस मामले में जो चाल चली थी। वह उस पर ही उल्टी पड़ने वाली है। इस मामले में पुलिस के पास किशोर का फर्दबयान तो काफी पूर्व आ गया था। जिसके आधार पर उसकी ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी, पर पुलिस को इंजुरी रिपोर्ट बुधवार की देर शाम प्राप्त हुई। किशोर ने अपने फर्दबयान में बताया है कि उस पर 6 जून कार्यपालक अभियंता योगेन्द्र पाण्डेय और उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने हमला किया। इस मामले में योगेन्द्र पाण्डेय द्वारा दर्ज हुए प्राथमिकी (198/09) के आलोक में किशोर को 6 जून को ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। घटना के 72 घंटे बाद 8 जून को दोपहर बाद किशोर को जमानत मिल गई। वह उसी दिन शाम में सदर अस्पताल में दाखिल हो गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार शाम 6:30 बजे चिकित्सकों ने उसकी जांच की और पाया कि कि किशोर के शरीर पर जो जख्म हैं वह महज छह घंटे अंदर के हैं। चिकित्सकों की यह इंजुरी रिपोर्ट जब थाने पहुंची तो उसे देखकर पुलिस के आलाधिकारी भी चौक गए क्योंकि किशोर के बयान के अनुसार घटना उसके अस्पताल में दाखिल होने के बहत्तर घंटे पूर्व की थी और उसके जख्म उसके अस्पताल में दाखिल होने के महज छह घंटे के अंदर के। और अब इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस किशोर और गवाह चंद्रभूषण को घेरने की तैयारी कर रही है।

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  • Web Title:पुलिस किशोर और गवाह चंद्रभूषण पर करेगी एक और प्राथमिकी