class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आरोप पत्र से उग्रवादी शब्द हटेगा: मोदी

माले ने अपने विधायक और पूर्व सांसद को उग्रवादी कहे जाने के मामले में गुरुवार को विधानसभा में जमकर हंगामा किया। पार्टी के पांचों विधायक दो-दो बार वेल में गये। खूब नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश को अनसुना किया। कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया। एक बार तो उनके समर्थन में पूरा विपक्ष सदन में खड़ा हो गया। उन्होंने सदन के मुख्य द्वार पर भी नारेबाजी की। बाद में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस घोषणा पर कि भोजपुर पुलिस ने उग्रवादी शब्द हटाने के लिए न्यायालय से अनुरोध करते हुए आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, माले सदस्य वापस सीट पर लौटे।

शुक्रवार को सरकार इस पूरे मामले की अद्यतन स्थिति से सदन को अवगत करायेगी। इसके पूर्व माले सदस्यों के हंगामे पर विपक्ष के समर्थन से तिलमिलाये संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि मात खाया विपक्ष रामनेरश राम की मार्फत राजनीति करना चाहता है। राम सदन के सम्मानित सदस्य है और उनकी प्रतिष्ठा के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान प्रश्नोत्तकल काल बाधित रहा। माले सदस्य नारे लगाते रहे- विधायक उग्रवादी कैसे, मुख्यमंत्री जवाब दो। झूठा मुकदमा वापस लो। सर्वदलीय जांच कराओ। आरा कलेक्ट्रेट हमले मामले की न्यायिक जांच कराओ। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष उनसे आग्रह करते रहे कि प्रश्नोत्तर काल को बाधित नहीं किया जाए। पर राजद के शकील अहमद खां, रामचन्द्र पूव्रे समेत कई विपक्षी विधायकों के समर्थन से माले विधायकों ने हंगामा जारी रखा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आरोप पत्र से उग्रवादी शब्द हटेगा: मोदी