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हाउसिंग बोर्ड की जमीन फिर मिली आवास संघ को

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की 1200 एकड़ जमीन फिर से सहकारी आवास संघ को दिए जkने की तैयारी चल रही है। सहकारी आवास संघ इस जमीन को सहकारी समितियों के जरिए विकसित कराएगा। प्रदेश सरकार ने करीब 10 साल पहले आवास संघ को आवास विकास परिषद की इंदिरानगर विस्तार से सटी हुई 1200 एकड़ जमीन देने का फैसला किया था।

इस जमीन के विकास के लिए आवास संघ को 30 करोड़ रुपए का कर्ज भी सरकार ने अपनी गारंटी पर दिलाया था। यह राशि किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए दी गई थी। लेकिन अधिग्रहित जमीन के सभी किसानों को मुआवजे की राशि तो नहीं मिली पर आवास संघ ने इस धन को खर्च कर डाला।

इस बीच कुछ भू माफियाओं ने इस क्षेत्र की जमीन पर अवैध कब्जे करने शुरू कर दिए और उन्हें औने-पौने दामों में बेचना शुरू कर दिया। भाजपा सरकार के हटने के बाद सपा सरकार आई और उसने आवास संघ को भंग कर दिया। सपा सरकार के दौरान निर्णय हुआ कि इस जमीन को आवास विकास परिषद को सौंप दिया जाए।

परिषद ने इस जमीन को लेने के लिए आवास संघ का कर्ज भी अदा किया और उस पर पूर्वी बिहार आवासीय योजना शुरू करने का निर्णय लिया। परिषद ने इस जमीन का सर्वे कराया तो पता चला कि करीब 700 एकड़ जमीन अभी अवैध कब्जों से मुक्त है बाकी भूमि पर अवैध कब्जे हो चुके हैं।

परिषद इस भूमि पर आवासीय कालोनी बनाने की तैयारी कर ही रहा था कि फिर से तस्वीर बदल गई और आवास संघ ने इस जमीन को वापस लेने की इच्छा व्यक्त कर दी। सूत्रों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड फिर से अपनी इस जमीन को आवास संघ को देने की तैयारी में जुट गया है। इसे जल्द ही अमली जमा पहना दिया जाएगा।

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  • Web Title:हाउसिंग बोर्ड की जमीन फिर मिली आवास संघ को