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उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स में मामूली बढ़त

उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स में मामूली बढ़त

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और लाभांश वितरण कर (डीडीटी) को तर्कसंगत करने की आर्थिक सव्रेक्षण की सिफारिश ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी जिससे बीएसई सेंसेक्स भारी उतार-चढ़ाव के बाद मामूली बढ़त लेकर बंद हुआ।

यूरोपीय शेयर बाजरों के कमजोर रुख ने भी घरेलू शेयर बाजरों की धारणा सुस्त करने में अहम भूमिका निभाई जिससे बम्बई स्टाक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 13.02 अंक की बढ़त के साथ 14,658.49 अंक पर बंद हुआ। गुरुवार के दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 14,764.35 और 14,469.69 अंक के दायरे में घूमता रहा।

मुद्रास्फीति में गिरावट का रुख और शुल्क दरों की समीक्षा के लिए आर्थिक सव्रेक्षण की पुरजोर सिफारिश भी बाजार में उत्साह नहीं फूंक सकी।

आर्थिक सर्वेक्षण में आक्रामक तरीके से विनिवेश और वित्तीय क्षेत्र में सुधार का सुक्षाव दिया गया है ताकि अर्थव्यवस्था उंची वद्धि दर की पटरी पर आ सके। सर्वेक्षण में उर्वरक एवं ईंधन की कीमतें नियंत्रण मुक्त करने की भी सिफारिश की गई है।

बाजार सूत्रों का कहना है कि डीडीटी को तर्कसंगत बनाने के सुझाव से बाजार में यह आशंका पैदा हुई कि सरकार शेयरधारकों को मिलने वाले लाभांश पर कर लगा सकती है।

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