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मुद्रास्फीति तीसरे सप्ताह भी शून्य से नीचे

मुद्रास्फीति तीसरे सप्ताह भी शून्य से नीचे

मंहगाई दर 20 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान उच्च बेस इफेक्ट के कारण घटकर शून्य से 1.3 फीसद के स्तर पर पहुंच गई जबकि पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि के मुकाबले फल एवं सब्जियों जैसी खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

यह लगातार तीसरा हफ्ता है जबकि मुद्रास्फीति शून्य से नीचे है। इसके पिछले हफ्ते मंहगाई दर शून्य से 1.14 फीसद कम थी। मुद्रास्फीति में गिरावट के लिए आंशिक रूप से पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि की उच्चतर मंहगाई दर 11. 91 फीसद जिम्मेदार है।

हालांकि फल एवं सब्जी जैसे खाद्य पदार्थों में 20 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान 0.6 फीसद की बढ़ोतरी हुई जबकि गैर खाद्य पदार्थ 0.3 फीसद मंहगे हुए।

पिछले साल के मुकाबले फल एवं सब्जियों की कीमत 11.19 फीसद बढ़ी। अनाज की कीमत 12.39 फीसद, दाल की कीमत 16. 52 फीसद और अचार एवं मसालों की कीमत 7.49 फीसद बढ़ी।

इसके अलावा सरकार द्वारा कल पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: चार और दो रुपए बढ़ाने के बाद अब मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। पेट्रोल और डीजल पहले से मंहगा होने के कारण अपेक्षाकृत अधिक परिवहन लागत के मदेदनजर खाद्य पदार्थ मंहगे होंगे।

एचडीएफसी बैंक के अर्थशास्त्री ज्योतिंदर कौर ने कहा कि ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी से चार जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 35 आधार अंकों की बढ़ोतरी हो सकती है।

 गैर खाद्यों में चारे की कीमत चार फीसद बढ़ी, मूंगफली दो फीसद और कच्चा उन चार फीसद मंहगा हुआ। बिजली, लाईट एवं ल्यूब्रिकेंट खंड में कीमत 0.1 फीसद बढ़ी। विनिर्मित उत्पादों की कीमत में 0.05 फीसद का मामूली इजाफा हुआ, जबकि कपड़े में 0. 3 फीसद और कागज  एवं कागज के उत्पाद 0. 5 फीसद महंगे हुए।

मुद्रास्फीति के बारे में कौर ने कहा कि कम से कम सितंबर तक मंहगाई दर के शून्य से नीचे रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा मुद्रास्फीति उम्मीद के अनुरूप है और हमें उम्मीद है कि यह सितंबर तक नकारात्मक क्षेत्र में बरकरार रहेगी।

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