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धोनी के सूरमाओं को लगाना होगा पूरा जोर

धोनी के सूरमाओं को लगाना होगा पूरा जोर

टीम इंडिया अगर कैरिबियाई धरती पर काफी लंबे अर्से से वनडे सीरीज में जीत का सूखा खत्म करना चाहती है तो उसे शुक्रवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले तीसरे वनडे में कागजी शेर की उपमा से निकलकर मैदान पर सचमुच शेर जैसा प्रदर्शन करना होगा।

भारत और वेस्टइंडीज की टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में सीरीज कब्जाने के लिए दोनों ही टीमें अपना सवश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी जिससे विस्फोटक मुकाबला होने की उम्मीद है। जहां तक मनोवैज्ञानिक लाभ का सवाल है तो वह मेजबान टीम के पास ही होगा।

वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोडते हुए हालिया मैचों में बढिया प्रदर्शन किया है। ट्वंटी 20 वर्ल्ड कप के अंतिम चार में पहुंचने के बाद भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज मानो सीरीज जीतने के लिए ही खेल रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ टीम इंडिया पहले मैच में बल्लेबाजों के बढ़िया प्रदर्शन के दम पर 20 रन से जीत हासिल करने में तो कामयाब रही लेकिन दूसरे मैच में वही बल्लेबाजी टीम के साथ दगा कर गई और उसे आठ विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पडा।

बल्लेबाजी के बूते जीत की झड़ी लगाने वाली भारतीय टीम की यही कड़ी इस सीरीज में टीम के लिए परेशानी का सबब बन गई है। टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के इर्द-गिर्द ही घूमती नजर आ रही है और सीरीज जीतने के लिए कप्तान और उपकप्तान की इस जोड़ी को एक बार फिर से बढ़िया प्रदर्शन करना होगा। बाकी के बल्लेबाजों में यूसुफ पठान और दिनेश कार्तिक ही पहले मैच में बढ़िया पदर्शन करने में सफल रहे हैं।

पिछले एक साल से भी अधिक समय से निरंतर बढ़िया प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अपने जोड़ीदार वीरेंद्र सहवाग के बिना एकदम असहाय नजर आ रहे हैं। 20-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश और आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ बढ़िया प्रदर्शन करने के बाद उनका बल्ला अब तक खामोश है। वहीं, रोहित शर्मा को तो लगता है कि जैसे या तो ऊपरी क्रम पर बल्लेबाजी करना रास नहीं आ रहा है या फिर वह 20-20 की खुमारी से निकल नहीं पा रहे हैं। शुक्रवार से होने वाले मैच में रवींद्र जडेजा को बाहर बिठाकर एस बद्रीनाथ या फिर अभिषेक नायर को मौका दिया जा सकता है।

टीम के गेंदबाजों को तो जैसे मानो सांप सूंघ गया है। उनकी गेंदबाजी देखकर कहीं से नहीं लगता है कि वे विकेट लेने के लिए खेल रहे हैं। आरपी सिंह ने अपने अब तक के प्रदर्शन से निराश किया है। प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा भी कुछ खास कर पाने में अब तक असफल ही रहे हैं। ऐसे में भारत इस मैच में दो स्पिनरों हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा को उतार सकता है। सीरीज जीतने के लिए भारतीय गेंदबाजों को अपनी गेंदों की कुंद धार तेज करनी होगी।

दूसरी तरफ, मेजबान टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज अपने पूरे रंग में हैं। कप्तान क्रिस गेल और रूनाको मोर्टन की सलामी जोड़ी अब तक खेले गए दोनों मैचों में टीम को बढ़िया शुरुआत देने में सफल रहे हैं जबकि तीसरे और चौथे नंबर पर रामनरेश सरवन और शिवनारायण चंद्रपाल बेहतरीन फार्म में चल रहे हैं। निचले क्रम में आलराउंडर ड्वेन ब्रावो, डेरेन ब्रावो और विकेटकीपर दिनेश रामदीन भी अच्छी बल्लेबाजी कर टीम की नैय्या पार लगाने की क्षमता रखते हैं।

गेंदबाजी में भी टीम फिदेल एडवडर्स की अनुपस्थिति में भी कहीं से कमतर नहीं नजर आ रही है। नई गेंद के साथ जेरोम टेलर और रवि रामपाल ने अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी टीम की प्रशंसा भी बटोरी है। ब्रावो ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से भारतीय टीम के लिए परेशानी खड़ी की है। इसके अलावा टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण स्पिनर सुलेमान बेन की असरहीन गेंदबाजी की भरपाई करने में सफल रहा है।

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