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उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन में देरी

उत्तर प्रदेश में टकटकी लगाकर मानसून की राह देख रहे लोगों का इंतजार और बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि प्रदेश में मानसून के आगमन में कुछ और विलंब हो सकता है।

सामान्य तौर पर उत्तर प्रदेश में मानसून 15 जून तक दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार 15 दिन की देरी के बावजूद अभी तक मानसून का आगमन नहीं हुआ है।

हालांकि प्रदेश के कुछ इलाकों में विगत दिनों मानसून पूर्व की बारिश से इसके संकेत मिलने लगे थे कि 30 जून तक कम से कम पूर्वाचल में मानसून दस्तक दे देगा।

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कमजोर पड़ने से प्रदेश में बारिश की दशाएं कमजोर हो गईं हैं।
 
मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली हवाएं सूबे में बारिश कराती हैं, लेकिन फिलहाल अरब सागर की तरफ से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण वे कमजोर पड़ गईं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। उधर,मानसून का विलंब किसानों के लिए चिंता का कारण बन रहा है। बारिश न होने से धान की रोपाई में लगातार देरी हो रही है। पिछले साल इस समय सूबे में करीब साढ़े चार लाख हेक्टेयर धान की रोपाई हो चुकी थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा ढाई लाख हेक्टेयर तक भी नहीं पहुंचा है।

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