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सुरक्षा का नेटवर्क

जब शिक्षा, कानून, शहरी विकास और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा वगैरह के क्षेत्र में सौ दिन के भीतर बड़े परिवर्तन करने के दावे चल रहे हैं, उस बीच गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने देश के चार महानगरों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी केंद्रों की स्थापना कर दिखा दिया है कि जहां चाह वहां राह। दूसरी बार सत्ता में आने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह सरकार की यह एक उल्लेखनीय पहल है।

पिछले साल 26 नवंबर को मुबंई पर आतंकी हमले के बाद गृहमंत्री का काम संभालते ही चिदंबरम ने वादा किया था कि एक जुलाई तक वे मुंबई के साथ चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में एनएसजी का केंद्र कायम कर देंगे। इस महत्वपूर्ण वादे को समय से पूरा कर उन्होंने जनता को यह आश्वस्ति प्रदान की है कि अब जरूरत पड़ी तो सरकार सुरक्षा कार्रवाई में देरी नहीं होने देगी।

देरी मुंबई में हो गई थी और वह भी दस घंटे की जिसके चलते एनएसजी के कमांडो अपना काम उतनी कुशलता से नहीं कर पाए जितनी उनसे उम्मीद की जाती है। दिल्ली के बगल में मानेसर स्थित अकेले एनएसजी केंद्र से उन्हें तैयार कर भेजना फिर मुंबई के हवाई अड्डे से बस में बिठाकर कार्रवाई स्थल तक ले जाना, यह सब ऐसा बुरा अनुभव था, जिसकी चौतरफा आलोचना हुई थी।

जहिर है दूध की जली सरकार अब छाछ को फूंक मार कर पीने को तैयार है। सुरक्षा के मामले में इसी तरह की चौकसी और तैयारी जरूरी है। इसीलिए अब सरकार जरूरी हो तो जाम से बचने के लिए एनएसजी कमांडो को हेलीकॉप्टर सेवा देने को भी तैयार हो गई है। एनएसजी आतंकवाद और विमान अपहरण की विशेष स्थितियों में कार्रवाई करने वाला बल है और मुंबई की घटना ने बता दिया कि उसका केंद्रीय महत्व जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उसका विकेंद्रीकरण।

सुरक्षा के विकेंद्रित नेटवर्क से ही केंद्रीय नेटवर्क मजबूत होगा और वह विशाल समुद्र तट और लंबी चौड़ी सीमाओं  वाले बड़े देश की सुरक्षा कर सकेगा। सरकार अब एनएसजी केंद्रों का विस्तार सिर्फ इन्हीं पांच महानगरों तक ही सीमित नहीं रखने जा रही है, बल्कि अगले चरण में यह नेटवर्क बंगलूर और जोधपुर को भी अपने दायरे में लेगा। एनएसजी का यह विस्तार निश्चित तौर पर स्वागत योग्य है, पर यह कारगर तभी हो पाएगा जब उसे राज्य की अन्य संस्थाओं की तरफ से भी उसे जरूरी सूचना और उपकरण संबंधी सक्रिय सहयोग निरंतर मिले और देश की सुरक्षा के लिए बने इस बल का व्यक्ितगत सुरक्षा के लिए कम इस्तेमाल किया जाए।

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