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कंधमाल दंगे में शामिल अभियुक्त को दो साल की सजा

कंधमाल दंगे में शामिल अभियुक्त को दो साल की सजा

कंधमाल जिले में दंगा भड़कने के दस माह बाद एक आदिवासी नेता को यहां की एक अदालत ने अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति के मकान में आग लगाने के आरोप में बुधवार को दो साल कैद की सजा सुनायी है। विहिप नेता लक्षमणानंद सरस्वती की 23 अगस्त 2008 को हत्या के बाद भड़के साम्प्रदायिक दंगे के दौरान दामपीढिया गांव के चक्रधर मलिक ने उसी गांव के लोकनाथ दीगल के मकान में आग लगा दी थी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट दो के न्यायाधीश चितरंजन दास ने मंगलवार को मलिक को सजा सुनाते हुए उस पर 1000 रूपया जुर्माना भी लगाया। अदालत ने तीन व्यक्तियों को पहले बरी कर दिया है। आदिवासी नेता मलिक पर अल्पसंख्यक लोगों के मकानों को जलाने के लिये लोगों को उकसाने का भी आरोप है।

जिले में दो माह तक तक बड़े पैमाने पर हिंसा होती रही। दंगों में कम से कम 43 जानें गयीं और कम से कम 4600 मकान और 150 से अधिक गिरजरघर तथा प्रार्थना गृह जला दिए गये थे। विभिन्न थानों में करीब 700 मामले दर्ज किये गये जबकि पुलिस ने दंगों के सिलसिले में करीब 1000 लोगों को गिरफ्तार किया।

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