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लिब्राहन आयोग रपट से चढ़ सकता है राजनीतिक पारा

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की दूसरी पारी शुरू होने के बाद दो जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के पहले बजट सत्र में बाबरी मस्जिद गिराने से संबंधित लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ सकता है।
   

मुख्य विपक्षी दल भाजपा केन्द्र सरकार पर पहले ही आरोप मढ़ चुका है कि इस रिपोर्ट के जरिए उसने राजनीतिक षडयंत्र शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने पलटवार में कहा है कि अगर ऐसा ही है तो राजग के अपने छह साल के शासन के दौरान भाजपा ने लिब्राहन आयोग का बोरिया बिस्तर क्यों नहीं गोल किया । उधर वाम दलों ने बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने के दोषियों को सज़ा देने की मांग की है । इस सबसे साफ है वित्त मामलों पर केन्द्रित इस बजट सत्र में राजनीतिक गरमी कम नहीं रहेगी ।
   

सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी आर्थिक सव्रेक्षण पेश करेंगे । उसके बाद तीन जुलाई को रेल मंत्री ममता बनर्जी लोकसभा में रेल बजट पेश करेंगी । छह जुलाई को मुखर्जी निचले सदन में 2009—10 का आम बजट पेश करेंगे ।

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने पद संभालने के बाद साफ संकेत दिया है कि यात्री सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा । उन्होंने खानपान सेवा और ट्रेनों तथा स्टेशनों पर साफ सफाई को भी तरजीह देने की बात कही है । साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए उन्होंने कई तरह के रियायती पास की सुविधा शुरू करने का भी संकेत दिया है। इन सभी बातों का रेल बजट में जिक्र होने की उम्मीद है ।

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