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मूर्ति लगवाने पर राज्य सरकार को नोटिस, सुनवाई दस जुलाई को

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राजधानी में कई जगहों पर राज्य सरकार द्वारा दलित महापुरुषों की मूर्तियां लगवाये जाने के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है । इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख दस जुलाई है ।

न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति सतीश चन्द्र की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता कर्नल (अवकाश प्राप्त) सत्यवीर सिंह यादव की जनहित याचिका पर  यह आदेश दिया । याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र भाटिया ने दलील दी कि राज्य सरकार द्वारा शहर में मूर्तियां स्थापित किया जाना एक जुलाई 2005 के उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार राजधानी के चौराहों और मुख्य मार्ग पर तीन फीट से अधिक ऊंचाई की मूर्तियां नहीं लगायी जा सकतीं और आदेश अब भी प्रभावी है। भाटिया का तर्क है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनुमति लिए बगैर आलमबाग चौराहे व अन्य स्थानों पर ऊंची मूर्तियां लगायी गई हैं जो नियम कानूनों के विपरीत हैं ।


न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई दस जुलाई तय करते हुए इस बीच राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

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  • Web Title:मूर्ति लगवाने पर राज्य सरकार को नोटिस