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साइबर नाइफ ट्रीटमेंट

साइबर नाइफ ट्रीटमेंट को ओपेन सजर्री के नजरिए से एक बेहतर और कारगर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। साइबर नाइफ ट्रीटमेंट की मदद से आपॅरेशन न करने सकने योग्य ट्यूमर का भी ऑपरेशन किया जा सकता है।

इस ट्रीटमेंट की सबसे खास बात यह है कि इसमें ज्यादा दर्द नहीं होता और इसीलिए मरीज को बेहोश करने की जरूरत भी नहीं पड़ती। साइबर नाइफ ट्रीटमेंट से रिकवरी होने में भी कम समय लगता है, साथ ही इस सजर्री में परंपरागत सजर्री से जुड़ा जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है।

कई ट्यूमर का एक उपचार
इस उपचार में रोगी अपने रोजमर्रा के काम आराम से कर सकता है। इसके अलावा, ऐसे ट्रीटमेंट का फायदा ये है कि आप विभिन्न स्थानों पर कई ट्यूमर को एक सिंगल ट्रीटमेंट सेशन द्वारा ही सही कर सकते हैं। कैंसर जैसे रोगों के उपचार के रूप में इस ट्रीटमेंट को उज्जवल आशा की एक किरण माना जा रहा है।

कई रोगों से निदान
कैंसर के अलावा इसकी फेफड़े, दिमाग, प्रोस्टैट, स्पाइन, लीवर, पैंक्रियाज, किडनी जैसे रोगों के ऑपरेशन में भी मदद ली जा सकेगी। अपोलो स्पेशिलिटी कैंसर अस्पताल लोगों को पहली बार साइबर नाइफ ट्रीटमेंट की सुविधा मुहैया कराएगा।

ये है तकनीक
साइबर नाइफ ट्रीटमेंट में रियल टाइम इमेज गाइंडेस टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर कंट्रोल्ड रोबोटिक्स का इस्तेमाल किया जता है। इसका फायदा यह होता है कि ऑपरेशन के दौरान स्वस्थ ऊतक नष्ट नहीं होने पाते और ट्रीटमेंट के दौरान शरीर के किस हिस्से में टच्यूमर है, उसमें लगातार कैसी हलचलें हो रही हैं, इसे देखने में भी मदद मिलती है।

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