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रिटर्न की गणना

फंड, स्टॉक मार्केट में निवेश करने पर रिटर्न कितना मिलेगा। इसलिए जरूरी है कि आप रिटर्न की प्रकृति को समझें। रिटर्न, निवेशक के फैसलों को काफी प्रभावित करता है। रिटर्न मिलने के बाद गौर करना जरूरी है कि वह कितने समय में आपको मिला, क्योंकि आपका आपने फायदा कितनी अवधि में कमाया है, यह फंड की गुणवत्ता पर निर्भर करता है, बशर्ते आपने लांगटर्म निवेश न किया हो। ऐसे में जरूरी है कि रिटर्न से जुड़ी कुछ बातों को जेहन में रखा जाए।

- किसी भी प्रोडक्ट की जानकारी और उसके विकल्प आपको यह जानकारी देते हैं कि उससे कितना रिटर्न मिलेगा।

- पहली नजर में देखने पर ऐसा लग सकता है, मिलने वाला रिटर्न बहुत ज्यादा है, लेकिन सामान्यत: ऐसा नहीं होता। कंपनियां रिटर्न के कई तरीके अपनाकर ज्यादा दिखाती हैं ताकि लोग उस उत्पाद की तरफ आकíषत हों।

- प्रोडक्ट का रिटर्न निर्धारण करने से पहले उसके मासिक रिटर्न के साथ वाíषक रिटर्न पर भी गौर करते रहें। इससे आप दूसरे प्रोडक्ट की तुलना में इसका आकलन बेहतर तरीके से कर पाएंगे।

- यदि कोई प्रोडक्ट माह में 1.5 प्रतिशत का रिटर्न देता है और वाíषक रूप में बदलने पर यह 19.56 प्रतिशत का रिटर्न देता है। गौर से देखें तो वाíषक रूप में यह रिटर्न देखने में ज्यादा लगता है और मासिक तौर पर कम।

- अकसर कंपनियां जो रिटर्न दिखाती हैं, उनमें कई चीजों को जोड़ लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि रिटर्न के बारे में जानकारी करने के लिए वाíषक रिटर्न, उसके पोर्टफोलियो और विशेष क्षेत्र के बारे में जानकारी कर लें।

- वाíषक रूप में रिटर्न दर्शाने पर यह मासिक रिटर्न की तुलना में ज्यादा लगता है

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