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झारखंड में सरकार बनाने की आमसहमति नाकाम

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के झारखंड प्रभारी के केशव राव और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन के बीच मंगलवार को हुई बैठक में झारखंड में सरकार बनाने के लिए सर्वसम्मति बनाने की कोशिश नाकाम हो गई। राव ने सोरेन के साथ उनके आवास पर 30 मिनट तक बैठक की जहां दोनों पार्टियों के विधायक उपस्थित थे।

राव ने संवाददाताओं से कहा, हम मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं । हम सभी का विचार जान रहे हैं । सोरेन ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद किसी और पार्टी को नहीं देना चाहते क्योंकि 82 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो 17 विधायकों के साथ संप्रग की सबसे बड़ी पार्टी है।

झारखंड में अभी राष्ट्रपति शासन है । उन्होंने कहा कि केंद्र में संप्रग में चूंकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है इसलिए इसे निर्णय करना चाहिए। गैर आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाने की एक धड़े की मांग पर सोरेन ने कहा, परंपरा जारी रहनी चाहिए।

वर्ष 2000 में राज्य के गठन से लेकर अब तक यहां सिर्फ आदिवासी मुख्यमंत्रियों का शासन रहा है। राज्य के कांग्रेस नेताओं ने 40 विधायकों के दस्तखत वाला एक पत्र राव को सौंपा था और इच्छा जताई थी कि सरकार का गठन किया जाए और संप्रग के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री का नाम तय करें।

बहरहाल कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहता।

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