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निर्धारित हड़ताल डॉक्टरों ने वापस ली

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद सोमवार को निर्धारित हड़ताल डॉक्टरों ने वापस ले ली। डॉक्टर अपने केबिनों में बैठे तो सही मगर दिखे हड़ताल के मूड में। गेट से न तो हड़ताल का बैनर हटाया गया और न ही डॉक्टर समय से मरीजों के इलाज के लिए पहुंचे। परेशान मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। अस्पताल में पूरी तरह से हड़ताल जसा माहौल बना रहा।


छठें वेतनमान की सिफारिशों के तहत नॉन प्रैक्टिसिंग पे, पदोन्नति व अन्य भत्तों की मांग को जल्द को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने जनपद समेत पूरे प्रदेश में सोमवार को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। मगर रविवार देर रात मांग पूरी करने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली गई। जिला अस्पताल के गेट पर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर बैनर टांग तो दिया। मगर उसे हटाया नहीं गया। नतीजतन हड़ताल की आशंका लेकर अस्पताल आए। कई मरीज गेट से ही वापस लौट गए। कहा यह गया था कि भर्ती मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी मगर यह दावा भी फेल साबित हुआ।


इंडोर ओपीडी में राउंड के लिए कोई भी डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचा। यही हालत ओपीडी में भी देखने को मिले। सेक्टर-8 की झुग्गी से कान का इलाज कराने आए राम स्वरूप ने कहा कि कान के डॉक्टर बैठे नहीं हैं। कान के दर्द को लेकर परेशान हूं। मगर इलाज के लिए डॉक्टर ही नहीं मिल रहे हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों को देखने का जिम्मा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजरानी कंसल ने संभाला मगर मरीजों की भारी संख्या के कारण इसका कोई विशेष फायदा नहीं हुआ।

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