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प्रतिमा मामले पर मायावती सरकार को नोटिस

प्रतिमा मामले पर मायावती सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा स्थापित करने में जनता के धन का इस्तेमाल करने के मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया और चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।

न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति एके गांगुली की पीठ ने कहा कि राज्य को इस बात का कारण बताने को नोटिस जारी किया गया है कि क्यों न याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली जाए। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं याचिकाकर्ता रविकांत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का महिमामंडन करने के लिए इस तरह की परियोजना में इस्तेमाल की गई 2000 करोड़ की राशि की व्यवस्था मायावती ने राज्य के 2008-09 और 2009-10 के बजट से की।

न्यायालय ने यह आदेश उस जनहित याचिका पर पारित किया जिसमें सार्वजनिक धन की कीमत पर मायावती को सार्वजनिक स्थलों पर अपनी प्रतिमा तथा पार्टी के प्रतीक चिहनों को लगाने से रोकने की मांग की गई थी। न्यायालय ने याचिकाकर्ता की बातों को सुनने के बाद राज्य सरकार को चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।

बसपा प्रमुख ने गत 25 जून को 15 प्रतिमाओं का अनावरण किया था। इसमें पार्टी संस्थापक कांशीराम और उनकी खुद की प्रतिमा भी शामिल है।

इन मूर्तियों का अनावरण निर्धारित तीन जुलाई की तारीख से नौ दिन पहले ही कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश में विपक्षी पार्टियों ने परियोजना को लेकर मायावती के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

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