class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मेजबान को ही पता नहीं है राष्ट्रीय खेलों का बजट

राष्ट्रीय खेलों के इतिहास में अब तक का सबसे खर्चीला आयोजन करार दिए जा रहे 34 वें राष्ट्रीय खेल बार-बार टलने और आर्थिक घपलों के आरोपो के चलते चाहे सुर्खियों में बने हों पर मेजबान झारखंड ओलंपिक संघ जेओए के अध्यक्ष आरके आनंद को ही इसके कुल बजट की जानकारी नहीं है।
 
अब तक कम से कम पांच बार टलने के बाद 21 नवंबर से पांच दिसंबर के बीच प्रस्तावित नवीनतम तिथि पर भी इन खेलों के आयोजन को लेकर एक बार फिर जताई जा रही आशंकाओं के बीच आनंद ने आज यहां पत्रकारों से कहा, "मुझे पता नहीं है कि इन खेलों का बजट क्या है।" उन्होंने खेलों की तैयारियों पर अब तक हुए खर्च का ब्यौरा देने में भी फिलहाल असमर्थता व्यक्त की।
 
आयोजकों पर लग रहे आर्थिक घोटालों के आरोपों और अब तक हुए खर्च के बारे में पूछे जाने पर आनंद ने कहा कि आयोजन पर होने वाले खर्च के बारे में सरकार ही बता सकती है। उन्होंने कहा कि अब तक हुए खर्च का ब्यौरा भी फिलहाल दे पाना संभव नहीं है और इसे  जेओए की बजाय राज्य सरकार से पूछना चाहिए।
 
जेओए के महासचिव तथा आयोजन समिति के सचिव एस एम हाशमी ने कुछ दिन पहले कहा था कि 34 वें राष्ट्रीय खेलों का बजट लगभग एक हजार करोड़ रुपए हो गया है। गौरतलब है कि गुवाहाटी में आयोजित 33 वें राष्ट्रीय खेलों का कुल बजट लगभग 300 करोड़ रुपए था। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रघुवर दास ने खेलों के आयोजन में जबरदस्त आर्थिक धांधली का आरोप लगाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मेजबान को ही पता नहीं है राष्ट्रीय खेलों का बजट