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आसमान से गिरीं आस की बूंदें

आसमान से गिरीं आस की बूंदें

भीषण गर्मी और लू से उत्तर भारत के लोगों को अब छुटकारा मिल गया है। रविवार को हुई बारिश से एक ओर जहां किसानों को थोड़ी राहत मिली, वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश, बिहार, झरखंड में छा जाने के अच्छे आसार हैं।

रविवार को बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों तक मानसून पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अब 30 जून और 1 जुलाई को बन रहे पश्चिम विक्षोभ पर मानसून की प्रगति का सारा दारोमदार टिका हुआ है। भीषण गर्मी से तप रहे उत्तर भारत के मौसम ने रविवार को अचानक पलटी खाई। सुबह से सक्रिय हुई नम पुरवा हवाओं के चलते दोपहर को दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कई हिस्सों में बारिश हुई।

इससे तात्कालिक फायदा यह हुआ कि लू खत्म हो गई तथा तापमान में 2-3 डिग्री की कमी आई। हालांकि हवाओं में नमी तथा कम बारिश के कारण उमस बढ़ी है। अगले कुछ दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 4-5 डिग्री तक की कमी आने के संकेत हैं।

मौसम विभाग के निदेशक एम.के. भान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली तथा अन्य उत्तरी राज्यों में बारिश यह दौर जारी रहेगा। उधर, राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वज्ञानिक जगवीर सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सकरुलेशन से मानसून प्रगति कर रहा है।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार को मानसून दस्तक दे चुका है। यदि 30 जून को उत्तरी राज्यों की तरफ बनने वाला पश्चिम विक्षोभ मजबूत निकला तो मानसून को इससे करंट मिल सकता है। दूसरी उम्मीद बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सकरुलेशन के निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होने की है। यदि ऐसा है तो अगले कुछ दिनों में मानसून तेजी से उत्तर भारत में पहुंचेगा।

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