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अरावली की पहाड़ियां बनी डेंजर जोन

फरीदाबाद से अरावली की पहाड़ियों से होकर दूसरे शहरों को जोड़ने वाला रास्ता अपराधियों के लिए लाश ठिकाने लगाने का अड्डा बन गया। पुलिस की लापरवाही के चलते लगभग दस हजार हेक्टेयर रकबे में फैला अरावली क्षेत्र डेंजर जोन बनता जा रहा है। आए दिन दिल्ली व गुड़गांव के अपराधी हत्याकर जांच प्रभावित करने के लिए लाश अरावली की फरीदाबाद सीमा में फेंक जाते हैं। इससे फरीदाबाद पुलिस की टेंशन बढ़ जाती है। 28 जून को यहां फिर एक नरकंकाल बरामद किया गया।

गौरतलब है कि फरीदाबाद से गुड़गांव के बीच अरावली से होकर गुजरने वाला लगभग 28 किलोमीटर का रास्ता बेहद सूनसान है। इसी तरह क्रेसर जोन से एमवीएन तक लगभग 10 किलोमीटर वाले रास्ते पर सन्नाटा पसरा रहता है। कुछ ऐसा ही हाल 21डी से तुगलकाबाद के बीच 20 किलोमीटर लंबे सूरजकुंड-बड़खल रास्ते का है। इन मार्गों पर रात के समय पुलिस की मुस्तैदी बेहद लचर है। जिसके चलते आए दिन अपराधी लूटपाट, छिनैती व लाश ठिकाने लगाते हैं। वर्ष 2005 में फरीदाबाद स्थित अरावली की पहाड़ियों के इन्हीं रास्तों पर एक के बाद एक, कई लाशें मिली थी। जो फरीदाबाद पुलिस की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी थी। अधिकांश लाशें दूसरे शहरों से हत्या करने के बाद फरीदाबाद में फेंकी गई थी। सुनसान रास्ता होने की वजह से अपराधियों के लिए लाश ठिकाने लगाने का इससे अच्छा दूसरा कोई ठिकाना नहीं था।

इसको रोकने के लिए फरीदाबाद के तत्कालीन एसएसपी ने इन रास्तों में रात के समय पेट्रोलिंग पुलिस तैनात किया था। पुलिस की मुस्तैदी बढ़ने से लाश मिलने का सिलसिला थम गया था। 20 मार्च को कॉलसेन्टर अधिकारी जिगिसा की लाश बरामद की गई थी। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। रविवार को फिर से सूरजकुंड रोड स्थित सिद्धाता आश्रम के पास से एक नर कंकाल बरामद किया गया। नरकंकाल किसका है और यह लाश कहां से आई? फिलहाल पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है। डीएसपी हेडक्वार्टर विनोद कौशिक ने बताया कि पुलिस मुस्तैद है। पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को मिले नरकंकाल की जांच की जाएगी।


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अरावली की पहाड़ियों में मिली लाशें

- 26 जून 2005 को दिल्ली से लापता दो छात्रों का शव पहाड़ी के एक तालाब में तैरती मिली
- 12 जुलाई 2005 को गाजियाबाद की अंजू की लाश खोरी की पहाडि़यों से मिली
- 22 अगस्त 2005 को दिल्ली से अपहृत डॉक्टर मोहन का शव सूरजकुंड इलाके में मिला
- 25 अक्तूबर 2006 को सूरजकुंड नाले के पास अमर कलोनी की अंजू का शव मिला
- 7 दिसंबर 2008 को एनएच-4 के कमलेश का शव सूरजकुंड रोड से बरामद, हत्या की आशंका
- 20 मार्च 2009 को दिल्ली के बसंत विहार की कॉल सेंटर अधिकारी जिज्ञिसा की लाश सूरजकुंड रोड पर मिली
- 28 जून को सूरजकुंड के सिद्धाता आश्रम के पास से एक नरकंकाल बरामद किया गया

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