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कुछ मेहरबान हुआ मौसम

गर्मी और उमस से बेहाल सूबे के लोगों के लिए रविवार की सुबह राहत लेकर आई। प्रदेश में कई स्थानों पर हुई मानसून पूर्व बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। बस्ती में भी ठीक-ठाक बारिश हुई। आकाशीय बिजली से महराजगंज जिले में दो बस्ती, गोरखपुर व कुशीनगर में एक-एक की मौत भी हो गई।

लखनऊ और आसपास रविवार सुबह बूँदाबाँदी के बाद मौसम सुहाना हो गया। तापमान घटकर 35 डिग्री पहुँच गया। हालाँकि, मौसम विशेषज्ञों ने सिर्फ 15-20 मिनट बारिश होने से उमस बढ़ने की आशंका जताई है फिर भी इसे आने वाले दिनों के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।

गोरखपुर में बादल खूब घुमड़े मगर धरती प्यासी ही रही। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे मगर पानी नहीं गिरा। कुछ इलाकों में बारिश तो हुई मगर कुछ देर के लिए। लखीमपुर में बादल सुबह चार बजे से ही बरसने लगे। बारिश रुकते ही किसान खेतों में पहुँच गए। जिले भर में धान की फसल लगाने का काम तेज हो गया है।

मौसम विभाग के निदेशक जे.पी. गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में मानसून आगमन की दशाएँ बन रही हैं। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। रविवार को दिल्ली के भी कई इलाकों में मानसून पूर्व बारिश हुई। तेज हवाओं और पानी ने लोगों को गर्मी से फिलहाल छुटकारा दिला दिया, लेकिन मध्यप्रदेश और राजस्थान में मुश्किलें अब भी बरकरार हैं।

वहाँ सूखे जैसे हालात हैं। जल संकट गहराता जा रहा है। मेघों को मनाने के लिए लोग हर तरह के टोटके कर रहे हैं।इस बीच नेशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अतिरिक्त निदेशक सतीश भोंडे ने बताया कि आने वाले दिनों में आलू की कीमतों में और वृद्धि होगी।

खास कर जहाँ मानसून में देरी से खरीफ सत्र के दौरान आलू की बुवाई शुरू नहीं हुई है, इसका असर ज्यादा होगा। कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तराखंड ऐसे कुछ राज्य हैं जहाँ आलू की खेती खरीफ सत्र के दौरान की जाती है। उन्होंने कहा कि जून से शुरू होने वाले खरीफ सत्र के दौरान आलू की समय से बुवाई होती तो कीमतें न बढ़तीं।

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