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सीएमओ कार्यालय में भी दर्ज कराई जा सकती है शिकायत

मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थो की बिक्री पर अंकुश लगाने को स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में औचक छापे को दो टीमें बनाई गई है। उपभोक्ता इस तरह की शिकायत सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (हरिद्वार) कार्यालय को भी कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थो की बिक्री की जा रही है। तेल, घी, मसाले से लेकर दूध, दही, लस्सी और मावे में मिलावट की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पर्व-त्योहार और मेलों में मिलावटी खाद्य पदार्थो की सर्वाधिक बिक्री होती है।

मिलावटी खाद्य पदार्थो से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को देखते हुए विभाग ने इनकी बिक्री पर अंकुश लगाने को व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। चीफ फूड इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में औचक छापे को दो टीमें बनाई गई है।

प्रत्येक टीम में दो-तीन फूड इंस्पेक्टर के अलावा संबंधित नगर पालिका क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी होंगे।

उन्होंने बताया कि मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थो की बिक्री की जानकारी आमजन सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय को भी दे सकते हैं। सूचना देने वालों का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जनसहयोग से ही इस तरह की प्रथा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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  • Web Title:मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने को दो टीमें गठित