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इमोशनल अत्याचार

इमोशनल अत्याचार

कोई भी काम सही नहीं करती हो तुम,  ऐसा लगता है कि तुम्हारे पास दिमाग है ही नहीं। केवल काम बिगाड़ना आता है और कुछ आता-जाता नहीं है तुम्हें। तुम तो कोई भी काम ठीक से नहीं कर सकती, किसी और से कराना पडे़गा। तुम्हें तो जीने का तरीका भी नहीं आता। क्या ऑफिस में बॉस, सहयोगी और घर में पति या सास आपको इन बातों को कह कर यह जताने कि कोशिश करते हैं कि तुम कोई काम ठीक से नहीं कर सकती? आपको अपने से ज्यादा प्यार करने की बात करने वाला प्रेमी क्या कुछ ऐसी बातें कहता है जिनको सुनकर आप मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाती हैं? ऐसे व्यवहार को इमोशनल एब्यूज या भावनात्मक र्दुव्यवहार कहते हैं।
 
इमोशनल एब्यूज (भावनात्मक र्दुव्यवहार) में किसी को मानसिक रूप से पीड़ा पहँुचाता है। यह किसी व्यक्ित को भावनात्मक रूप से तोड़ देता है।  शारीरिक घाव तो समय के साथ हल्के हो जाते हैं। लेकिन भावनात्मक अत्याचार अधिक गहरा प्रभाव छोड़ता है। यह किसी व्यक्ति को मानसिक तौर पर अवसाद की अवस्था में तो लाता ही है, साथ ही उसके विश्वास को चकनाचूर भी कर देता है। अकसर कई बार अनजाने में ही लोग एक दूसरे पर भावनात्मक अत्याचार कर देते है। लगातार भावनात्मक र्दुव्यवहार से व्यक्ति की सोच-समझ, आत्मसम्मान, आत्मज्ञान पर असर पड़ता है। हर बात पर सवाल खड़ा करना, हर बात को झूठा साबित करना,ताने मारना, दूसरे के व्यक्तित्व को समाप्त करने की कोशिश करना, अपनी बातों को हावी कर देने का प्रभाव व्यक्ति की सोच पर पड़ता है। वह हमेशा हीन-भावना में रहता है और खुद को दूसरों से कमतर आंकने लगता है। किसी भी कार्य को करते वक्त वह अमूमन असमंजस की स्थिति में रहता है।

इनकी सुनिए
अठ्ठाइस वर्षीय घरेलू महिला नीमा परेशानी का जिक्र करती है, कि कई बार मेरे पति ऑफिस से लौटने पर कहते हैं कि तुम्हारे पास काम ही क्या है, सिर्फ घर में बैठी रहती हो। बस केवल खाना बना लेती हो। तभी सास भी तपाक से बोली इसे कुछ काम तो करना आता नहीं है। अपने पति द्वारा इस तरह की बातें मुझे मानसिक रूप से प्रताडि़त करती है।

मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत लिपिका कहती हैं कि जिस कंपनी में पहले काम करती थी वहां मेरे सहयोगी हमेशा मुझे बॉस के सामने नीचा दिखाने को प्रयास करते थे। उनसे परेशान होकर मैंने वहां काम करना ही छोड़ दिया। मुझे वहां मानसिक तनाव सहना पड़ता था।

बीकॉम कर रही पारुल बताती हैं कि मैं एक लड़के से प्यार करती हूं लेकिन वह मुझसे कई बार ऐसा व्यवहार करने को कहता है जिसे मैं सही नहीं समझती। मैं जब विरोध करती हूं तो गुस्सा हो जाता है। वह मुझे भावनात्मक रूप से कमजोर कर मुझसे मन मुताबिक व्यवहार करता है। जिससे मैं मानसिक रूप से टूट जाती हूं।

कैसे करें उपचार
इस बात का ध्यान में रखें कि यदि कोई आपको दबाने की कोशिश करता है, तो ऐसी स्थिति में स्वयं को कमजोर मत समझें। अपने पर भरोसा रखें।

अगर आपको कोई घर या ऑफिस में नीचा दिखाने की जुगत में लगा रहता है तो उसे प्यार और विश्वास से ऐसा जवाब दें कि उसे लगे कि वाकई में आपके अलावा कोई और इस काम को कर ही नहीं सकता ।

अपनी कम्यूनिकेशन स्किल बढमएं। आपको अपनी बातों को आत्मविश्वास के साथ सटीक शब्दों में प्रस्तुत करना आना चाहिए। घर हो या बाहर किसी से दबकर नहीं रहना चाहिए।


किसी को हावी न होने दें। किसी भी व्यक्ित के सामने इतना ही झुकें जितनी जरू रत है।

प्रेमी आपकी इच्छा के विपरीत स्वभाव कर रहा है तो नि:संकोच उसकी गलत बातों का विरोध करें। आत्मविश्वास के साथ बातों को नकार दें। यदि वह सच में आपको प्यार करता होगा तो आपकी हर बात का सम्मान करेगा।

बात बुरी लगने पर किसी भी व्यक्ित के सामने रोना नहीं चाहिए। तुम्हें रोता हुआ देख व्यक्ित यही सोचेगा कि इस पर बातों का प्रभाव पड़ता है। रोना ही चाहते हैं तो बॉथरूम में जा कर रो लें।

हमेशा प्रोफेशनल बने। यदि आप प्रोफेशनल होंगे तो आपका हर कोई सम्मान करेगा।

महिलाएं अपने को अलग न समझें। स्वयं को सीधी-सुशील महिला कहलाने की कोशिश में न रहें। जैसा काम है उसी अनुसार अपने व्यवहार को प्रस्तुत करें।

प्रत्येक महिला को स्वयं पर गर्व होना चाहिए कि आप आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं। लेकिन कभी भी एट्टीटय़ूड न दिखाएं।

गृहणियां भी अपने आपको कमजोर और अत्याचार न समङो। आपको इसका गर्व होना चाहिए कि आप अपने घर को सही ढंग से चलाने में सक्षम हैं। जो हर किसी के बूते की बात नहीं। अपने को कमतर न समझें।

ल्सबसे पहले अपने कार्यो और अपना सम्मान करना सीखें, तभी घर में या घर के बाहर कोई आपका सम्मान करेगा। (मनोवैज्ञानिक डॉ. अरुणा ब्रूटा से बातचीत पर आधारित)  

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