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उत्तराखंड में सूखे और भीषण गर्मी के कारण वनों में आग

उत्तराखण्ड में सूखे और भीषण गर्मी के कारण वनों में कई बार आग लगी जिसमें 12 लोगों की जान गई और 3600 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र की वन सम्पदा नष्ट हो गई ।

वन विभाग के अधिकारी प्रेम कुमार ने बताया कि वन विभाग वन संरक्षण के काम में स्थानीय महिलाओं को जोड़ने पर विचार कर रहा है । इसके तहत अधिक से अधिक संख्या में पौधार बनाने का जिम्मा उन्हें सौंपने की योजना है । उन्होंने कहा कि वनों से सटे गांवों में ग्रामीणों के सहयोग के बिना आग पर नियंत्रण पाना आसान काम नहीं होगा । इसके लिये विभाग ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने की योजना बना रहा है जिसमें महिलाओं को भी  रोजगार भी मिल सके और वनों की रक्षा भी हो सके ।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इस योजना का परिणाम काफी उत्साहजनक रहा । महिला किसान नर्सरी के माध्यम से 30 महिला समूहों द्वारा 15 लाख पौधे तैयार किये गये थे।

 उत्तराखण्ड में वन सम्पदा की रक्षा और जडी़ -बूटियों के सही इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ता और पर्यावरण के प्रति जगरूक लोग पिछले 25 वर्ष से आंदोलन चला रहे हैं । पदमभूषण पर्यावरणविद चण्डीप्रसाद ने बताया कि सरकारी विभाग द्वारा वन सुरक्षा के नाम पर लाखों रूपये खर्च किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक विशाल क्षेत्र में देखरेख के लिये पंचायतों द्वारा मात्र एक वन चौकीदार रखा जाता है।

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