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लोजपा का अति पिछड़ा सम्मेलन संपन्न, एक माह में अति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट लागू करे सरकार

लोजपा ने अति पिछड़ों को उनकी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की आवाज उठायी है। शनिवार को लोजपा ने रवीन्द्र भवन में अति पिछड़ा सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि अति पिछड़ों को केन्द्र सरकार की नौकरियों से लेकर संसद और विधान मंडलों तक में आरक्षण मिलना चाहिए।

आबादी आधारित फार्मूला तय करने के लिए राष्ट्रीय अति पिछड़ा आयोग का गठन भी जरूरी है। उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का चुनावी स्टंट करार दिया। साथ ही बिहार से रेल परियोजनाओं को हटाये जाने का भी विरोध किया।

पार्टी ने राज्य सरकार को अति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए एक माह की मोहलत दी है। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो लोजपा 28 जुलाई को जेल भरो अभियान चलायेगी। अति पिछड़ों को उनका हक दिलाने के लिए 14 सूत्री रणनीति तैयार की गयी है।

लोजपा प्रमुख ने कहा कि राज्य में एनडीए तो जीत गया लेकिन बिहार की हार हो गयी है। केन्द्र की सरकार में राज्य का एक भी मंत्री नहीं है। वहां बिहार का पक्ष रखेगा कौन? राजनीतिक विरोध के बावजूद लोजपा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए भाजपा और जदयू के साथ है। दुर्भाग्य से नीतीश कुमार की मंशा साफ नहीं है।

अगर वह सचमुच ऐसा चाहते तो मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठते ही विशेष राज्य की मांग करते अथवा केन्द्र में एनडीए की सरकार से ही विशेष राज्य का दर्जा दिलाते। लोकसभा में बिहार से एनडीए के 32 एमपी हैं लेकिन उनलोगों ने एक भी दिन यह मांग नहीं उठायी।

सम्मेलन को दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत राय, लोजपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सत्यानन्द शर्मा, पूर्व सांसद सूर्य नारायण यादव, मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप, ललन चन्द्रवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुन्द्रिका सिंह चन्द्रवंशी और प्रदेश महासचिव मिथिलेश कुमार निषाद ने भी संबोधित किया।

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  • Web Title:अति पिछड़ों को आबादी के आधार पर मिले आरक्षणः पासवान