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कागजों में ही गूलों का निर्माण कर लाखों हड़पे

लघु सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिकारियों ने ग्राम सभा लालढांग के अंतर्गत कागजों में ही गूलों का निर्माण कर लाखों रुपए की धनराशि की बंदरबांट कर ली। भावर क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष आरएस मनराल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में अधिशासी अभियंता समेत अवर अभियंताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए गूल निर्माण में हुई धांधली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

भावर क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष आरएस मनराल ने सूचना अधिकार के अंतर्गत एक ग्रामीण द्वारा मांगी गई जानकारी के बाद लघु सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि लालढांग कलस्टर की योजना संख्या 44 में मुन्ना के खेत से मनराल के खेत तक 0.800 किलोमीटर गूल का निर्माण किया जाना था, जिसके सापेक्ष 0.450 किलोमीटर गूल का निर्माण ही किया गया है।

इस योजना से जुड़े कनिष्ठ अभियंता सतीशचंद मैठाणी और अनिल भारद्वाज ने योजना की कुल निर्माण लागत 12.58 लाख रुपए भी कार्य पूरा होना दर्शाकर जलउपभोक्ता संघ को भुगतान करा दिया। समिति के अध्यक्ष का आरोप है कि इस संबंध में अधिशासी अभियंता एससी गर्ग से ग्रामीणों ने कई बार मुलाकात कर गूल न बनाने की लिखित शिकायत की।

ग्रामीणों ने उनसे स्थलीय निरीक्षण करने का भी अनुरोध किया, जिसे अधिशासी अभियंता लगातार टालते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि श्री गर्ग निर्माण एजेंसी को भ्रष्टाचार करने के लिए परोक्ष रूप से सहयोग करते रहे। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच के साथ-साथ क्षेत्र में बनी घटिया स्तर की गूलों और नहरों की जांच आईआईटी रुड़की से कराने की मांग की है।

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