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दिल्ली में रासायनिक दूध का मामला नहीं : वालिया

दिल्ली की स्वास्थ्य मंत्री किरण वालिया ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में रसायन से बने दूध का कोई मामला अभी तक पकड़ में नहीं आया है और सरकार ऐसी किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
 प्रो. वालिया ने प्रश्नोत्तर काल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रो जगदीश मुखी के एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दूध में मिलावट संबंधी शिकायतें समय-समय पर सरकार को प्राप्त होती हैं और उन पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाती है।


उन्होंने बताया कि जनता से अभी तक इस वर्ष ऐसी 40 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सरकार ने दूध में मिलावट को रोकने के लिए एक जून से विशेष अभियान चलाया है और 20 जून तक 125 नमूने जांच के लिए गए हैं। दूध के इन नमूनों की जांच में सिंथेटिक दूध का कोई मामला सामने नहीं आया है। उठाए गए 125 नमूनों में से 75 की जांच की जा चुकी है। इसमें से 62 नमूने ठीक पाए गए और 13 में मिलावट मिली। यह मिलावट वसा की कमी तथा सोलिट नाट फैट के रुप में पाई गई। पचास नमूनों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।


उन्होंने कहा कि मिलावट की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है और सरकार मिलावट करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कदम उठा रही है। खाद्य अपमिश्रण कानून में भी संशोधन किया जाएगा। प्रो. मुखी का कहना था कि खाद्य अपमिश्रण विभाग में बड़े पैमानें पर भ्रष्टाचार है और मोटी रकम मिल जाने पर नमूना उठाने के लिए गए कर्मचारी दुकानदार की मर्जी का सैंपल ले लेते हैं। जिसके फेल होने का सवाल ही नहीं उठता।
 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जांच में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने श्रीराम इंस्टीच्यूट प्रयोगशाला से नमूनों की परख कराने का फैसला किया है और इसके लिए प्रति सैंपल 7000 रुपए दिए जाएंगे। प्रयोगशाला का परिणाम आने पर इसकी तुलना राज्य सरकार की नमूना जांच से की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ऐसे प्रबंध भी किए जा रहे हैं जिससे नमूने को जांच के लिए पूना नहीं भेजा जाए क्योंकि जो सैंपल यहां फेल हो जाते हैं। वह पूना की प्रयोगशाला में पास हो जाते हैं।
 
प्रो. वालिया ने कहा कि मिलावट के मामलों की सुनवाई को जल्दी पूरा करने के लिए पटियाला हाऊस में अदालत बनाई गई है। इस अदालत में केवल खाद्य अपमिश्रण के मामलों की सुनवाई होती है। कांग्रेस के विधायक मुकेश शर्मा के यह पूछने पर कि दूध के जो नमूने उठाए गए हैं। वह केवल खुदरा दुकानों से लिए गए हैं जबकि दिल्ली में बड़ी मात्रा में पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दूध आता है।  प्रो. वालिया ने बताया कि सरकार राजधानी में प्रवेश करने के स्थानों के अलावा दूध के टैंकरों और रेलवे स्टेशन के बाहर से भी नमूने ले रही है।

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  • Web Title:दिल्ली में रासायनिक दूध का मामला नहीं : वालिया