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एकदम बदले माहौल में शुरू हुआ विधानसभा का मानसून सत्र

 न हंगामा, न नारेबाजी और न ही प्रदर्शन। और शुरू हो गया सदन। लगा ही नही कि कौन सत्ता पक्ष के सदस्य है और कौन विपक्ष के। बस दिखीं तो चमचमाती लग्जरी गाड़ियां और सुरक्षा जवानों की मुस्तैदी। शुक्रवार को चौदहवें विधानसभा का बारहवां (मानसून) सत्र शुरू हुआ तो माहौल एकदम बदला-बदला दिखा।

विधानसभा अध्यक्ष के संबोधन के दौरान एक बार विपक्षी कोने से आवाज भी आयी तो इसलिए कि सदन की बिजली गुल हो गई। विपक्षी सदस्यों ने कहा- यही बिजली का हाल है। हां, हर बार की तरह भाजपा विधायक जवाहर प्रसाद ऊं, ऊं का उच्चारण करते रहे।

सुबह दस बजे से ही विधानसभा परिसर में विधायकों की गाड़ियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। कोई टोयोटा पर तो कोई स्कोर्पियो पर। फोर्ड और सफारी की सवारी करने वाले विधायकों की संख्या भी कम नहीं थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानपरिषद होते हुए विधानसभा आये और सीधे विधानसभा अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी के कक्ष में अभिवादन करने पहुंचे।

प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी का विधानसभा के मुख्य द्वार पर उनके विधायकों ने बुके देकर स्वागत किया। कुछ विधायकों ने चरण स्पर्श भी किये। इसके पहले विधानसभा पहुंचे उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की राबड़ी देवी की आगवानी के लिए द्वार पर जमे राजद विधायकों से भेंट हुई और अभिवादन के साथ जोर के ठहाके लगे।

करीब आधे घंटे तक चली सदन की कार्यवाही के बाद राबड़ी देवी और सुशील कुमार मोदी अपने कक्ष में बैठे। राबड़ी देवी ने विपक्षी पार्टियों के विधायकों के साथ संयुक्त बैठक कर एकजुटता से सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनायी।

सुशील मोदी अपने कक्ष में न्यायिक सेवा में आरक्षण को ले सरकार द्वारा किये गये कार्यो पर विचार विमर्श करते दिखे। मात्र आधे घंटे ही कार्यवाही चलने के कारण विधायकों की लॉबी सुनसान पड़ी रही और सदन से निकलते ही सदस्य अपनी गाड़ियां मंगाने में जुट गये। 

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  • Web Title:न हंगामा, न प्रदर्शन और शुरू हो गया सदन