class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चाहें तो किसानों को और राहत दे सकते हैं बैंक

चाहें तो किसानों को और राहत दे सकते हैं बैंक

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऋण राहत योजना के तहत किसानों को और रियायत दे सकते हैं, बशर्ते वे सरकार से उसकी भरपाई के लिए न कहें।


सरकार की ऋण राहत योजना, जिसे एकमुश्त निपटान (ओटीएस) भी कहा जाता है, के तहत बैंक किसानों द्वारा कुल ऋण की राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करने पर 25 फीसद ऋण माफ कर दिया गया था। यह योजना उन ऋणों के लिए है जिनका भुगतान 31 दिसंबर, 2007 तक किया जाना था और जो 29 फरवरी, 2008 तक नहीं चुकाया ज सका था। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि सरकार ने बैंकों, वित्तीय संस्थानों को ओटीएस के तहत 75 प्रतिशत से कम ऋण वसूली को मंजूरी दे दी है लेकिन वे अंतर की भरपाई के लिए न तो सरकार और न ही किसानों से कहेंगे। 

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह बैंकों को इस योजना के तहत 25 फीसद ऋण राशि की ही भरपाई करेगा। सरकार ने इसके अलावा  ओटीएस योजना में कुछ और बदलाव किए हैं। इससे पहले किसानों को यह राशि तीन किस्तों में अदा करने को कहा गया था। पहली किस्त जमा करने की तारीख 30 सितंबर, 2008 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2009 कर दी गई थी लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त की तारीख को क्रमश: 31 मार्च, 2009 और 30 जून, 2009 पर बरकरार रखा गया था।


अब सरकार ने कहा है कि उन किसानों को भी ओटीएस योजना का लाभ मिलेगा, जो 75 प्रतिशत राशि एक बार में इस साल 30 जून तक अदा कर देंगे। आरबीआई के मुताबिक, सरकार ने बैंकों से कहा है कि वे 30 जून तक किसानों से कोई ब्याज न वसूल करे। ओटीएस योजना का लाभ करीब एक करोड़ किसानों को मिलने की उम्मीद है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:चाहें तो किसानों को और राहत दे सकते हैं बैंक