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इजरायली प्रस्ताव ‘बड़ा जेल’, सशस्त्र संघर्ष ही रास्ता

इजरायली प्रस्ताव ‘बड़ा जेल’, सशस्त्र संघर्ष ही रास्ता

फिलस्तीनी इस्लामिक गुट हमास के नेता खालिद मिशेल ने फिलस्तीन प्रांत को सेना रहित बनाए जाने के इजरायली प्रस्ताव को ‘बड़ा जेल’ बताते हुए ठुकरा दिया है।

मिशेल ने गुरुवार को अपने समर्थकों के समक्ष दिए अपने भाषण में कहा कि केवल सशस्त्र संघर्ष ही फिलस्तीनी लोगों के अधिकारों की रक्षा कर सकता है। मिशेल ने दावा किया कि इजरायल का प्रस्ताव दोषपूर्ण है और यह फिलस्तीनी लोगों के लिए एक बड़े जेल के समान होगा।

उन्होंने कहा कि इजरायल को यहूदी राष्ट्र के रूप में मान्यता देना फिलस्तीनी लोगों के लिए अभिशाप के समान होगा। ज्ञातव्य है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसी महीने दिए अपने एक भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिलस्तीनी राज्य के लक्ष्य का समर्थन किया था।

हालांकि नेतन्याहू ने शर्त रखी थी कि फिलस्तीन राज्य को सेना विहिन करना होगा तथा यहां की जनता को इजरायल को यहूदी राष्ट्र के रूप में मान्यता देनी होगी। मिशेल ने ओबामा के चार जून को दिए भाषण का स्वागत किया और कहा कि इस मसले का निपटारा करते समय फलस्तीनी लोगों की इच्छा और उनकी लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए। ओबामा ने अपने भाषण में फिलस्तीनी राज्य का समर्थन किया था।

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