class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीयों के रवैये पर सवाल नहीं उठाये जा सकते : इंजमाम

भारतीयों के रवैये पर सवाल नहीं उठाये जा सकते : इंजमाम

पाकिस्तान के खिलाफ खेलने में टीम इंडिया की दिलचस्पी नहीं होने के हरफनमौला शाहिद अफरीदी के बयान से असहमति जताते हुए पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने कहा है कि उन्हें कभी भी भारतीय क्रिकेटरों का रवैया गलत नहीं लगा।


इंजमाम ने लाहौर से बातचीत में कहा कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के खिलाफ खेलते हैं तो दबाव अधिक रहता है लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारतीय टीम पाकिस्तान से खेलना नहीं चाहती। अपने कैरियर के दौरान भी मुझे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ। मैदान पर भले ही कितना भी तनाव हो लेकिन मैदान के बाहर हमारी बहुत अच्छी दोस्ती होती है।


इंग्लैंड में हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की खिताबी जीत के शिल्पकार रहे अफरीदी ने स्वदेश लौटने पर कहा था कि भारतीय खिलाड़ी उनकी टीम से खेलना नहीं चाहते थे जो उनके रवये और बर्ताव से जहिर था। भारत और पाकिस्तान की टूर्नामेंट के दौरान टक्कर नहीं हुई लेकिन अभ्यास मैच में दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों का सामना हुआ था।


वर्ष 2003 से 2007 तक पाकिस्तान के कप्तान रहे इंजमाम ने टीम इंडिया के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के लिये इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को दोषी ठहराते हुए कहा कि दो बड़े टूर्नामेंटों के बीच समय नहीं मिल पाने से महेंद्र सिंह धौनी की टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ा। पाकिस्तान की 1992 वर्ल्ड कप जीत के नायक इंजमाम ने कहा कि आईपीएल भी बहुत बड़ा टूर्नामेंट है। उसके और वर्ल्ड कप के बीच दो तीन सप्ताह का आराम खिलाड़ियों के लिये जरूरी था क्योंकि भारत के तो सारे खिलाड़ी आईपीएल खेल रहे थे। थकान को झेल नहीं पाने के कारण ही वे अपनी रंगत में नहीं दिखे।


इंजमाम ने पाकिस्तान की खिताबी जीत का श्रेय कप्तान यूनुस खान के अलावा आईसीएल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे हरफनमौला अब्दुल रज्जाक को दिया। पाकिस्तान के लिये 120टेस्ट और 378 वनडे खेलकर क्रमशज् 8830और 11739 रन बनाने वाले मुल्तान के इस बल्लेबाज ने कहा कि पिछले दो साल में पाकिस्तान ने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली थी। ऐसे कठिन दौर से निकलने के बाद टीम को एकजुट रखते हुए खिताब जीतने वाले यूनुस की तारीफ करनी होगी। इस जीत से उन्होंने मुल्क को मुस्कुराने का मौका दिया है।

इंजमाम ने कहा कि सुरक्षा चिंता आज के दौर में हर देश में है। इंग्लैंड में भी टी-20 वर्ल्ड कप में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम थे। आईसीसी को चाहिये कि अपनी टीम भेजकर पाकिस्तान में सुरक्षा इंतजामात का जायजा ले और सरकार से गारंटी मिलने के बाद सभी बोर्ड को यहां खेलने के लिये राजी करे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के आधार पर किसी मुल्क को अलग-थलग करना वहां के क्रिकेट और क्रिकेटप्रेमियों के साथ ज्यादती है। वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी लौटाने के लिये भारत समेत सभी देशों को पाकिस्तान का साथ देना चाहिये। इमरान खान की अगुआई में 1992 में वनडे क्रिकेट के वर्ल्ड कप में मिली जीत और टी-20 वर्ल्ड कप की इस जीत में फर्क पूछने पर उन्होंने कहा कि दोनों टीमें वर्ल्ड चैम्पियन है। फर्क इतना है कि टी-20 क्रिकेट अब हर साल हो रहा है जबकि वर्ल्ड कप चार साल में एक बार होता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भारतीयों के रवैये पर सवाल नहीं उठाये जा सकते : इंजमाम