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राजधानी में पड़े बिजली-पानी के लाले

राजधानी में पड़े बिजली-पानी के लाले

बिजली-पानी संकट से जूझ रही दिल्ली सरकार ने हाथ खड़े कर बारिश का इंतजार शुरू कर दिया है, जबकि जनता सड़क पर उतर आई है। विधानसभा में गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि यह सही है कि दिल्ली में पानी की समस्या है और बारिश नहीं हुई तो समस्या और बढ़ेगी। उधर भाखड़ा बांध में पानी का स्तर गिरने से दिल्ली में पानी का संकट गहराने के आसार बढ़ गए हैं।


दिल्ल में गुरुवार को बिजली की मांग और उपलब्धता में 378 मेगावाट का अंतर रहा। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह अंतर 5,000 मेगावाट है। बिजली और पानी की कमी के बढम्ने से चिंतित मुख्यमंत्री ने बिजली पर सोमवार को और पानी पर मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। पिछले तीन दिन से पारा बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की मांग बढ़ गई है और बिजली-पानी व्यवस्था में सुधार के सरकारी दावे फेल हो गए हैं। मंडोला पावर ग्रिड में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण बिजली का संकट  और गहरा गया है।


गाजियाबाद जिले के मंडोला में स्थित इस पावर ग्रिड की क्षमता 446 मेगावाट है। यहां तकनीकी खराबी के चलते पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली में बिजली सप्लाई बाधित हो गई है। जानकारी के अनुसार समाचार लिखे जाने तक तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने के प्रयास जारी थे लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। गुरुवार को राजधानी के विभिन्न हिस्सों में जनता ने प्रदर्शन किया। पहाड़गंज क्षेत्र के लोगों ने तो थाने में गुमशुदगी की एक शिकायत दी कि उनके इलाके के विधायक व पार्षद गुम हो गए हैं, क्योंकि वे जब भी इलाके की पानी की समस्या लेकर विधायक व पार्षद को ढूंढ़ते हैं, वे नहीं मिलते। तिलक नगर क्षेत्र में आठ से दस घंटे लगातार बिजली कटौती से परेशान लोग गुरुवार सुबह सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। मालवीय नगर में बुधवार रात बिजली कटौती से परेशान लोगों ने बिजली दफ्तर पर हंगामा किया और तोडम्फोडम् भी की। कई इलाकों में टैंकरों से पानी भरने को लेकर आपस में झगड़े की भी खबरें हैं। खानपुर में भी लोगों ने गुरुवार को फिर बिजली पानी की कमी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। शुक्रवार को भी इन लोगों ने प्रदर्शन किया था। बिजली पानी संकट विधानसभा में भी खूब गूंज रहा है। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने बुधवार को वाकआउट किया। गुरुवार को भी भाजपा ने वाकआउट किया और बजट पर चर्चा के दौरान भी भाजपा सदस्य नहीं आए।


उधर सूत्रों का कहना है कि वजीराबाद बैराज पर यमुना का स्तर गिरने लगा है। इसको लेकर दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा को पत्र लिखा है। यदि इसमें सुधार नहीं होता है तो वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का उत्पादन गिर सकता है।

 

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