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अभी ठंडी नहीं हुई भाजपा में आग

अभी ठंडी नहीं हुई भाजपा में आग

उत्तराखंड में भाजपा आलाकमान ने नेतृत्व बदल कर बेशक असंतोष को दबा दिया हो, लेकिन राख के नीचे आग अभी भी धधक रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले भगत सिंह कोश्यारी रमेश पोखरियाल को मुख्यमंत्री बनाये जाने से नाखुश हैं।

वे इस बात से भी दुखी है कि समझौते फार्मूले के तहत वे प्रकाश पंत को उपमुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे, जिसकी स्वीकृति भी आलाकमान ने नहीं दी। इन्हीं सब बातों से नाराज कोश्यारी अभी भी दिल्ली में डेरा डाले हुये हैं। वे लगातार संघ परिवार के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं।

कोश्यारी के नजदीकी सूत्रों के अनुसार वे निशंक मंत्रिमंडल के गठन पर फिलहाल नजर बनाये हुये हैं। उनका मानना है कि यदि मंत्रिमंडल में उनके समर्थकों को उचित स्थान नहीं दिया जाता है तो वे इसका खुला विरोध करेंगे। इस बीच भाजपा उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कोश्यारी को मनाने के लिये उन्हें बच्ची सिंह रावत की जगह प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

याद रहे कि उत्तराखंड की पांचों सीट हारने के बाद रावत का इस्तीफा आलाकमान के पास विचारार्थ अभी पड़ा हुआ है। कोश्यारी की जिस तरह से आलाकमान ने निशंक की ताजपोशी की प्रक्रिया के समय उपेक्षा की है, उससे भी कोश्यारी समर्थक विधायक आहत हैं। निशंक के नेता विधायक दल बनने की घोषणा के वक्त कोश्यारी कोप भवन में थे।

खंडूड़ी की तरह उन्हें तबज्जो नहीं दी गई। सूबे की राजधानी देहरादून में निशंक की ताजपोशी की तैयारियां चल रही हैं और वे दिल्ली में डेरा डाले हुये हैं। निशंक ने भी नेता बनने के बाद अपने तेवर साफ कर दिये हैं कि वे कोशियारी की जगह खंडूड़ी को ज्यादा महत्व देंगे।

उन्होंने पहली बार मीडिया से मुखातिब होते हुये कोश्यारी का नाम तक नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वे खंडूड़ी के मार्गदर्शन में चलेंगे।बेशक ऊपरी तौर पर यह दिख रहा हो कि उत्तराखंड में भाजपा का अंदरूनी संकट सुलट गया है, लेकिन असलियत यह है कि वहां सब कुछ ठीकठाक नहीं है।

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