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एग्ज़िमा से बचें

एग्जिमा की शुरुआत में चमड़ी पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। हाथ लगाने पर यह दाने पानी से भरे दिखते हैं। एग्जिमा कई कारणों से हो सकता है। यह कारण (बैक्टीरिया) शरीर के भीतर या बाहर के हो सकते हैं।
बाहरी कारणों में विशेषकर कुछ रसायन होते हैं जो शरीर में प्रवेश करते हैं। बाहरी कारणों से उन लोगों को एग्जिमा की शिकायत होती है जिन्हें किसी विशेष तत्व से एलर्जी रही हो। गिलट जैसे आम एलर्जी फैलाने वाले तत्व जो एंटीबायटिक क्रीमों, कॉस्मैटिक्स, चिपकने वाले पदार्थो और रबर आदि में होते हैं। इसके विपरीत खुजली फैलाने वाले तत्व डिटरजेंट, तेलों और एंटीसेप्टिक्स में होते हैं। बाहरी कारणों से होने वाले एग्जिमा का पता लगाकर उसे ठीक किया जा सकता है।


एग्जिमा होने पर रोगी को जोर से खुजली महसूस होती है, इसमें त्वचा भी खुश्क हो जाती है, त्वचा का रंग लाल पडम् जाता है। एग्जिमा अक्सर उन लोगों को भी होता है जिनके परिवार में दमा या नाक संबंधी एलर्जी जैसी बीमारियों का इतिहास रहा हो। त्वचा में अधिक सर्दी, गर्मी, पसीने या मोटे और गैर-आरामदेह कपडमें से भी खुजली उभरती है।


कैसे बचें

एग्जिमा से बचने के लिए मॉइस्चराइजर्स, सूजन और जलन से बचने वाली क्रीमों के उचित इस्तेमाल से एग्जिमा पर रोक लगाई जा सकती है।

एग्जिमा कई बार लोगों के पैरों में धीमी गति से फैलता है। इसे रोकने में स्टॉकिंग्स बहुत कारगर होती हैं।

जब तक जरूरी न हो त्वचा पर डिटर्जेट का इस्तेमाल न करें। खुजली मिटाने के लिए क्लीनर इस्तेमाल किया जा सकता है।

एग्जिमा फैलने पर त्वचा की रक्षात्मक परत टूट जाती है। खुजली के कारण यह एक से दूसरी जगह फैलता है। इसके लिए डॉक्टरी सलाह से एंटीबायटिक दवाएं लेनी चाहिए।

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