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पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्मदिन मनाया गया

पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के 78 वें जन्म दिन को गुरुवार को सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर विठ्ठल भाई पटेल हाऊस परिसर स्थित मावलंकर हाल में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें पिछड़ों और दलितों के मसीहा के रूप में याद किया। वक्ताओं ने कहा कि सिंह ने भारतीय राजनीति में एक नया परिवर्तन लाकर पिछड़े और दबे और कुचले लोगों के लिए देश की आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था में जगह बनाई। कई वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व के चित्रकार, लेखक, चिंतक और कवि पक्ष की चर्चा भी की।


समारोह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा भाजपा नेता यशवंत सिंह, हमीरपुर से लोकसभा सदस्य एडवोकेट विजय बहादुर सिंह, प्रसिद्ध चिंतक सुरेन्द्र मोहन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री विजेन्द्र प्रताप कुशवाहा, जनमोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश नाथ यादव, पत्रकार संतोष भारतीय और  सुनील कुमार भदौरिया ने संबोधित किया। इस मौके पर दिवंगत नेता के पुत्र अजय सिंह और वीपी सिंह की पत्नी श्रीमती सीता देवी भी उपस्थिति थीं। 


समारोह में  सिन्हा ने कहा कि वंचितों एवं दलितों की आवाज किसी ने नहीं सुनी लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह उनकी आवाज बने और उनके अधिकारों एवं हितों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समूची भारतीय राजनीति में बदलाव लाकर प्रयास किया कि समाज में पिछड़ों और दलितों को उनके अधिकार मिले। ज्यादातर पार्टियों ने पिछड़ों को वोट बैंक के रूप में देखा जबकि विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पिछड़े  वर्ग की समस्याओं को देखा।


 जद नेता शरद यादव ने कहा कि विश्वनाथ प्रताप सिंह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने देश और किसानों के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे नेता सदियों में पैदा होते हैं। यादव ने उन्हें धर्मनिरपेक्षता का सच्चा योद्धा बताते हुए कहा कि सिंह ने अपने शासनकाल में देश में साम्प्रदायिक सदभाव कायम रखने के लिए हर संभव प्रयास किया और उनके पुत्र अजेय सिंह उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलते हुए जनमोर्चा को दोबारा खड़ा कर रहे हैं।
 सांसद विजय बहादुर सिंह ने उन्हें अडिग व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी ईमानदारी और निष्ठा के साथ समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा उसी काम को प्राथमिकता दी। जिससे गरीबों. किसानों एवं पिछड़े वर्ग को लाभ मिल सके। 


कार्यक्रम में बिहार, हरियाणा. उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा,और महाराष्ट्र समेत देश के विभिन्न भागों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में किसान व महिलाएं भी मौजूद थीं।

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