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पानी की समस्या को लेकर सदन में हंगामा

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि राजधानी में पानी की समस्या है और बारिश नहीं हुई तो आगे स्थिति और खराब होगी। सरकार बिजली व पानी की समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है। इसके लिए अगले हफ्ते अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री के बयान पर नाराजगी जहिर करते हुए विपक्ष के सदस्यों ने वॉकआउट करते हुए सदन के बाहर चले गए।


राजधानी में बिजली पानी के मुद्दे पर गुरुवार को एक बार फिर सदन गरमाया। नियम 280 के तहत विशेष उल्लेख के दौरान की कई सदस्यों ने बिजली व पनी की समस्या को उठाया। प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार मलहोत्रा ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सारे अखबार में पानी व बिजली संकट के बारे में छापा है। मुख्यमंत्री ने बयान दिया है कि समस्या को सुलझाना संभव नहीं है। लोग खुद बिजली-पानी की बचत करें। मुख्यमंत्री का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। भाजपा के सदस्य बिजली-पानी को लेकर शोर मचाने लगे।


सदस्यों को शांत करते हुए दीक्षित ने सदन में बयान दिया ‘यह सही है कि पानी की समस्या है, बारिश नहीं हुई तो समस्या और बढ़ेगी। सोमवार को पानी की समस्या पर विचार करने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जबकि मंगलवार को बिजली की समस्या पर विचार करने के लिए बैठक बुलाई गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक इस बैठक में आमंत्रित हैं।’


सदन में दीक्षित के बयान पर भाजपा सदस्य भड़क उठे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह का सदन में बयानशोभा नहीं देता है। सरकार बिजली-पानी समस्या पर हाथ खड़ा कर दे यह सही नहीं है। भाजपा सदस्य शोर मचाते हुए वॉकआउट कर सदन का बाहर निकल गए।

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  • Web Title:पानी की समस्या को लेकर सदन में हंगामा