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सत्तर फीसदी को पार जा सकती है कट ऑफ

दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमर्स ने सभी सब्जेक्टों को पीछे छोड़ दिया। शहर के कॉलेजों की स्थिति कमोबेश डीयू जैसी है। यहां भी इसका मीटर तेज रहेगा। ऐसा लेक्चरर व स्टूडेंट्स भी मान रहे हैं। ज्यादातर कॉलेजों में कॉमर्स पास और आनर्स की पढ़ाई होती है।

प्रोफेशनल कोर्स बीबीए व बीसीए के बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स की पसंद कॉमर्स है। जिस तरह से कॉमर्स के प्रति रूझन बढ़ा है। इस स्थिति में लगभग बारह सौ सीटों के लिए कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। पिछले साल ज्यादतार कॉलेजों में कॉमर्स पास व आनर्स का कट ऑफ साठ फीसदी रहा था। इस बार इसमें दस फीसदी तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

साढ़े आठ हजार सीटों के लिए लगभग 19 हजार फार्म बिके हैं। इसमें बड़ी संख्या कॉमर्स की है। नेहरू कॉलेज में फार्म लेने आए सेक्टर 23ए के धनंजय शर्मा ने बताया कि कॉमर्स आनर्स में एडमिशन लेना है। ग्रेजुएशन के बाद अकाउंट्स फील्ड में करियर बनाना है।

बीबीए या बीसीए में एडमिशन नहीं मिलने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स की पहली प्राथमिकता कॉमर्स हैं। इस सब्जेक्ट में एडमिशन के लिए फार्म जमा होने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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  • Web Title:शहर के कॉलेजों में कॉमर्स का रहेगा मीटर तेज