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भारतीय सीमा में नेपाली माओवादियों ने फहराया झंडा

भारतीय सीमा में नेपाली माओवादियों ने फहराया झंडा

माओवादी संगठन पर केन्द्र सरकार के प्रतिबंध संबंधी आदेश के दो दिन बाद नेपाली माओवादियों ने भारतीय सीमा में घुसकर अपने संगठन का झंडा फहराया और सीमा पर लगे दो-तीन पत्थरों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

श्रावस्ती के जिलाधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने भारतीय सीमा में घुसकर सीमा पर लगे पत्थर संख्या 625 को क्षतिग्रस्त कर दिया और उसी के पास पेड़ पर अपने संगठन का झंडा फहरा दिया। गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश सरकार को सूचना भेज दी गई है। सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की गश्त तेज कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि सीमा खुली होने के कारण इस तरह की हरकतों का तत्काल पता नहीं लग पाता, लेकिन जैसे ही इसका पता चला फौरन मौके पर पहुंचे सशस्त्र बल ने झण्डे को उतरवाया ओर सीमा पर लगे पत्थरों की मरम्मत की कार्रवाई शुरू करवाई।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी आदि जिलों की करीब सात सौ मिलोमीटर सीमा नेपाल से सटी हुई है। यह पूरी की पूरी खुली है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 175 किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्रावस्ती जिले की इस सीमा स्थली पर लगे और दो पत्थर क्षतिग्रस्त पाए गए हालांकि वे कैसे टूटे इसका तत्काल पता नहीं चल सका।

कुछ लोगों का कहना है कि इन्हें भी माओवादियों ने ही क्षतिग्रस्त किया, जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि ये दोनों पत्थर पहले से टूटे थे, लेकिन पत्थर संख्या 625 तो माओवादियों ने ही तोड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक सौ से अधिक युवा नेपालियों ने सीमा पर यह उपद्रव किया।

सशस्त्र सीमा बल के एक अधिकारी ने इसे नेपाली माओवादियों का दुस्साहस बताया और कहा कि दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को कमजोर करने की यह एक साजिश है। उन्होंने कहा कि माओवादियों के इस दुस्साहस को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि नेपाली माओवादियों का रुख आम तौर पर भारत के विरोध में ही रहता है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और वहां के पहले माओवादी प्रधानमंत्री प्रचंड कमल दहल ने अपने हटने के पीछे भी पड़ोसी देश भारत की साजिश तक बता दी थी।

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