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विश्व बैंक ने मध्यप्रदेश को कर्ज देने की मंजूरी दी

विश्व बैंक ने मध्यप्रदेश को कर्ज देने की मंजूरी दी

विश्व बैंक ने भारत में मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में फैली गरीबी को दूर करने के लिए अपनी इकाई अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) के द्वारा एक करोड़ डॉलर के कर्ज देने पर अपनी मुहर लगा दी।

आईडीए विश्व बैंक की आसान शर्तों पर कर्ज देने वाली इकाई है जो 0.75 प्रतिशत सेवा शुल्क पर दस वषों की छूट अवधि के साथ 35 वषों तक की अधिक्तम समय सीमा पर कर्ज मुहैया करवाती है। यह कर्ज विश्व बैंक द्वारा मंजूरी दिए गए द्वितीय मध्यप्रदेश जिला गरीबोन्मुख परियोजना (एमपीडीपीआईपी 2) पर इस्तेमाल में लाई जाएगी। इस योजना के तहत गरीबों को स्वयं सेवा समूहों में तैयार करने के बाद इन्हें बड़े समूहों में तैयार कर मदद मुहैया करवाई जाएगी, जिसमें बाजार पहुंचने से लेकर औपचारिक वित्तीय सेवाएं भी शामिल हैं।

इससे पहले विश्व बैंक ने वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश जिला गरीबोन्मुख परियोजना (एमपीडीपीआईपी) की मुख्य परियोजना को कर्ज मुहैया करवाई थी जिससे 14 जिलों के 2900 गांवों में लगभग तीन लाख 25 हजार गरीबों को 52 हजार समूहों में तैयार कर उन्हें वित्तीय तथा तकनीकी सेवाएं प्रदान की गईं।

रत में विश्व बैंक के निदेशक रॉबटरे जाघा ने कहा कि इस योजना के नतीजे काफी प्रभावी रहे थे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश भारत में भौगोलिक दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यह गरीबी के लिहाज से देश में तीसरा स्थान रखता है और गरीबी उन्मूलन की दर यहां काफी कम है।

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