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प्रदेश में 2500 मेगावाट बिजली की कमी

भयंकर बिजली संकट के बीच बुधवार को ओबरा तापीय परियोजना की दो इकाई के बंद होने और सौ मेगावाट की इकाइयों से उत्पादन कम होने से अघोषित बिजली कटौती का दौर जारी रहा। पूरे प्रदेश में मांग के मुकाबले 2500 मेगावाट बिजली की कमी के कारण संकट और गहरा गया है।

ओबरा तापीय परियोजना का उत्पादन 550 मेगावाट तक लुढ़कने के कारण बिजली संकट से राहत मिलने की गुंजइश कम ही है। तकनीकी कारणों से ओबरा तापीय परियोजना की 200 मेगावाट वाली 13वीं तथा 50 मेगावाट वाली पहली इकाई बुधवार को बंद हो गयी। इसके अलावा सौ मेगावाट की तीनों इकाइयों से क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं हो रहा है।

समयानुसार रखरखाव न होने से पिछले कई महीने से सौ मेगावाट की इकाइयों से अपेक्षित उत्पादन नहीं हो पा रहा है। बुधवार को ‘अ’ तापघर की सौ मेगावाट वाली छठी इकाई से 44 मेगावाट, सातवीं से 50 मेगावाट एवं आठवीं से 48 मेगावाट उत्पादन हो रहा था।

इसके अलावा 50 मेगावाट वाली दूसरी इकाई से 42 मेगावाट, 200 मेगावाट वाली 10वीं इकाई से 118 मेगावाट, 11वीं इकाई से 119 मेगावाट एवं 13वीं इकाई से 128 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। उधर तापमान के 45 डिग्री पार करने के कारण प्रदेश में बिजली की मांग 9000 मेगावाट को पार कर गयी।

वहीं प्रदेश की अपनी इकाइयों तथा केन्द्रीय पूल से आयातित कुल बिजली को मिलाकर 6500 मेगावाट की ही उपलब्धता रही जिससे बिजली कटौती का दौर जारी रहा।

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  • Web Title:ओबरा की दो इकाइयां बन्द