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ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में भारी कमी आएगी: आईईए

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में भारी कमी आएगी: आईईए

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने कहा है कि मंदी की वजह से चालू वर्ष में ऊर्जा आपूर्ति क्षेत्र में निवेश में एक सौ अरब डॉलर से अधिक की कमी आने की संभावना है।

आईईए के प्रमुख अर्थशास्त्री फातिह बिरोल ने कहा है कि गत मई में समूह आठ की बैठक में पेश रिपोर्ट में कहा गया था कि तेल और गैस क्षेत्र में निवेश में वर्ष 2008 की तुलना में चालू वर्ष में मंदी की वजह से 21 प्रतिशत अर्थात एक सौ अरब डॉलर से अधिक की कमी आएगी। 

उन्होंने कहा कि अब तक निवेश के जो आंकड़े मिले हैं उससे भी निवेश में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने समूह आठ की बैठक में पेश रिपोर्ट को अब तक अद्यतन नहीं कर पाया है लेकिन जो संकेत मिल रहे है उसके मद्देनजर इस क्षेत्र में निवेश में पुर्वानुमान से कहीं अधिक कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिदृश्य पर उनके संगठन की एक रिपोर्ट नवंबर में आएगी जिसमें इस संबंध में विस्तृत और सही जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें अभी भी अनिश्चिय की स्थिति में है और उसमें स्थिरता नहीं आ रही है। अधिकांश कंपनियों को इसके 40 से 45 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद थी लेकिन इसमें वृद्धि दर्ज की गई है। 

उन्होंने कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्था सामान्य गति से आगे बढ़ेगी तो तेल के उत्पादन क्षेत्र में और अधिक निवेश होगा और उस स्थिति में इसकी कीमत को 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनाए रखने की आवश्यकता होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में इसकी कीमतों में वृद्धि से आर्थिक सुधार को नुकसान होगा। 

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