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पथ निर्माण मंत्री ने इंजीनियरों से वार्ता की, कहा मुख्यमंत्री से करेंगे बात

इंजीनियरों ने मंगलवार को भी पूरे सूबे में काम बन्द रखा। विश्वेश्वरैया भवन, सिंचाई भवन, नया सचिवालय समेत कार्य विभागों के सभी सचिवालयों में इंजीनियर कार्यालय तो आये पर काम नहीं किया। मुफस्सिल कार्यालयों में भी फाइलों का मूवमेन्ट बन्द रहा।

इंजीनियरों के इस कड़े रूख को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री डा. प्रेम कुमार ने विभाग के  प्रधान सचिव आरके सिंह के साथ ही बिहार अभियंत्रण सेवा संघ और अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति के प्रतिनिधियों से वार्ता की। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया और कहा कि इंजीनियर योगेन्द्र पाण्डेय विभाग के कर्तव्यनिष्ठ और समयपालन के पाबंद अफसर थे। उनके असामयिक निधन से विभाग को काफी आघात लगा है।

सरकार हत्यारे को खोज निकालेगी। हालांकि बेसा के महासचिव राजेश्वर मिश्रा और अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति के अध्यक्ष एएनझ अनिल एवं महामंत्री कमलाकांत शर्मा ने मंत्री से अपना मांगों पर यथाशीघ्र समुचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि योगेन्द्र पाण्डेय की हत्या की जांच सीबीआई से करायी जाए। ठेकेदार किशोर सिंह एवं सीतामढ़ी एसपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो। सीतामढ़ी के डीएम और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को दंडित किया जाए। स्व. पाण्डेय के परिजनों को सभी सरकारी सुविधाएं दी जाए।

विभागीय प्रधान सचिव आरके सिंह से हुई बात की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि श्री सिंह ने सीतामढ़ी एसपी और डीएम दोनों को इंजीनियर पाण्डेय की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। पर सीतामढ़ी प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की।

उधर बेसा समन्वय समिति के अध्यक्ष श्री अनिल ने कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 25 जून से हड़ताल तय है। बुधवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा और शाम में इंजीनियरों की रैली होगी।

इसके पूर्व बोरिंग रोड स्थित अभियंता भवन में अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति, बिहार अभियंत्रण सेवा संघ, अवर अभियंता संघ और यांत्रिक अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनायी।

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  • Web Title:इंजीनियरों ने दूसरे दिन भी काम नहीं किया