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अफरीदी ने सीखा गेंदबाजों की इज्जत करना

अफरीदी ने सीखा गेंदबाजों की इज्जत करना

टी-20 वर्ल्ड कप में अपनी बेहतरीन फॉर्म का राज खोलते हुए पाकिस्तान के स्टार हरफनमौला शाहिद अफरीदी ने कहा कि गेंदबाजों की इज्जत करने से वह इंग्लैंड में इतने रन बना सके।

अफरीदी ने कहा कि पहले उन्हें रन बनाने में इसलिए दिक्कत हुई क्योंकि वह गेंदबाजों को उचित सम्मान नहीं दे रहे थे। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगा कि मैं किसी भी गेंदबाज की धुनाई कर सकता हूं। मैं उनका सम्मान नहीं करता था, लिहाजा मुझे रन बनाने में दिक्कतें पेश आई।

अफरीदी ने कहा कि विश्व कप के दौरान उन्होंने अपने कप्तान और कोच से बात की, जिन्होंने बल्लेबाजी को संजीदगी से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तब मैंने फैसला किया कि गेंदबाजों का सम्मान करना और क्रीज पर संयम बरतना जरूरी है। मुझे समझ में आ गया कि हर समय गेंदबाजों की धुनाई नहीं की जा सकती। क्रीज पर जमने में समय लगता है।

सेमीफाइनल और फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे अफरीदी ने नॉकआउट मैचों में अर्धशतकीय पारियां खेलने के अलावा अहम विकेट भी लिये। अफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी को समान महत्व दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें टीम और प्रशंसकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो गया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना फख्र की बात है। विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन मेरे कैरियर के सबसे संतोषजनक पलों में से है। विश्व कप 1999 और टी20 विश्व कप 2007 में पाकिस्तानी टीम के सदस्य रहे अफरीदी ने कहा कि इस बार फाइनल में हार नहीं मानने की उन्होंने ठान रखी थी।

उन्होंने कहा , मैं 1999 में काफी छोटा था और फाइनल हारने पर बहुत दुखी था। टी20 फाइनल में भारत से हारने पर भी काफी दुख हुआ। यह जीत निश्चित तौर पर मेरे कैरियर के सबसे संतोषजनक पलों में से है।

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