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एमएमएस

इधर बीच एमएमएस काफी चर्चा में रहा है। मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस या एमएमएस मल्टीमीडिया छवियों, ऑडियो-वीडियो संदेशों को मोबाइल फोन के जरिए भेजने वाली तकनीक है। इसे एसएमएस तकनीक का विस्तार भी कहा जा सकता है। आमतौर पर सबसे अधिक इसका इस्तेमाल कैमरा आधारित फोटो भेजने के लिए किया जाता है। इसे ओपन मोबाइल एलायंस (ओएमए) ने डिवेलप किया था। किसी भी एमएमएस मैसेज को ईमेल की तरह पहले टेक्सट मैसेज के साथ जोड़ा जाता है। इसके बाद वह संदेश भेजने वाले के स्टोर और फॉरवर्ड सर्वर में सेव हो जाता है।

पहला एसएमएस सिस्टम जीएसएम मानकों के अंतर्गत डिवेलप किया गया था और यह 160 शब्दों का संदेश भेजा जा सकता था। 1990 के उत्तरार्ध में एरिक्सन ने इनहेंस्ड मैसेजिंग सर्विस (ईएमएस) शुरू करने की सिफारिश रखी थी। हालांकि ईएमएस कभी लोकप्रिय नहीं हो सका था।

उसी समय जीएसएम ने एसएमएस स्टेंडर्ड की शब्दसीमा को ‘थर्ड जेनरेशन पार्टनरशिप प्रोग्राम’ (3जीपीपी) के तहत किसी भी लंबाई तक संदेश भेजने की जरूरत पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने इसके मल्टीमीडिया आधार पर भी जोर दिया। इसलिए 3जीपीपी ने डब्ल्यूएपी स्टेंडर्ड प्रोसेस के साथ मिलकर एमएमएस की शुरुआत की।

इसके बाद से एमएमएस दुनिया के सभी मोबाइल सिस्टम्स पर स्थापित किया ज चुका है। पहला कमर्शियल एमएमएस मार्च 2002 में भेज गया था। यह 3जी नेटवर्क का हिस्सा है और इसे शीघ्र अस्तित्व में आने वाले 4जी सिस्टम का भी अंग बनाने की पूरी संभावना है।

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