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इंश्योरेंस

वर्तमान में लोगों की इंश्योरेंस के प्रति दिलचस्पी काफी बढ़ी है। इसका बड़ा कारण लोगों की इस बाजर के प्रति जगरूकता बढ़ना भी है। इश्योरेंस जोखिम तो कवर करता ही है, टैक्स बचाने में भी मददगार साबित होता है। इंश्योरेंस की प्रमुखता ये है कि इसमें पैसा डूबने की संभावना कम होती है। कई बार जल्दबाजी के चक्कर में लोग यह समझ नहीं पाते कि उन्हें कितने लाइफ इंश्योरेंस की जरूरत है।

- जहां कुछ लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ टैक्स सेविंग के लिहाज से ही करना पसंद करते हैं, तो वहीं कुछ जोखिम कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग अपने वेतन के एक निश्चित हिस्से को इंश्योरेंस में लगाना पसंद करते हैं।

- आपके आश्रित कितने हैं, इसके अनुसार यह आपके लिए काफी जरूरी हो जाता है कि इंश्योरेंस के बारे में सोच-समझकर फैसला लें। बेहद जरूरी है कि पूरी तरह से जनकारी एकत्रित करने के बाद ही इंश्योरेंस खरीदें।

- कई लोग पॉलिसी खरीदते समय एक साधारण से फॉमरूले को आधार बनाते हैं। वह सोचते हैं कि उन्हें उनकी सेलेरी के सात से आठ गुने इंश्योरेंस की जरूरत है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए ये नियम लागू नहीं होता। 

- अगर कोई कम उम्र में ही निवेश करने जा रहा है, तो वह ज्यादा निवेश कर सकता है। वहीं आपको ये भी देखने की जरूरत है कि कब आपको बच्चों की शिक्षा के लिए पैसे की जरूरत पड़ेगी या कब विवाह के लिए।

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