class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केंद्र ने भाकपा माओवादी को प्रतिबंधित किया

केंद्र ने सोमवार भाकपा माओवादी को आतंकवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित कर दिया। वहीं, माकपा ने कहा कि यह नुस्खा काम नहीं करेगा और वह उससे राजनैतिक तौर पर लड़ेगी।
   

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा की सरकार है जो लालगढ़ में नक्सलियों से संघर्ष कर रही है। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में सुरक्षा बलों के अभियान के मददेनजर सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने समूह को गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन की सूची में डाल दिया।
   

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने किसी तरह की अस्पष्टता से बचने के लिए ताज प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ऐसा भाकपा—माले पीपुल्स वार ग्रुप के साथ एमसीसी के विलय के मद्देनजर किया गया है।
   

उन्होंने कहा, यह हमेशा से आतंकवादी संगठन था और अस्पष्टता दूर कर दी गई कि यह एक आतंकवादी संगठन है। माओवादियों से राजनैतिक तौर पर लड़ने और प्रतिबंध के उपायों के कारगर नहीं होने के माकपा और वाममोर्चा के एख के बारे में उन्होंने कहा कि वह अब भी महसूस करते हैं कि पार्टी और संगठन में मतभेद है। चिदंबरम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भटटाचार्य संगठन को प्रतिबंधित करने के संबंध में उनके सुझाव पर विचार करेंगे और उनका मंत्रिमंडल उचित फैसला करेगा।

जहां प्रतिबंध आदेश जारी किए जाने के बाद उनकी पार्टी के सहयोगी सीताराम येचुरी ने चिदंबरम से मुलाकात की वहीं माकपा महासचिव प्रकाश करात ने इसके असर पर आशंका जाहिर करते हुए कहा कि प्रतिबंधित संगठन अन्य नाम से काम कर सकता है। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती ने कोलकाता में कहा कि सरकार प्रतिबंध के कानूनी प्रभावों का अध्ययन करेगी और मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपेगी।
   

वाम का यह रुख मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के उस बयान के दो दिन बाद आया है। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार नक्सलियों को प्रतिबंधित करने पर गंभीरता से विचार करेगी। वाममोर्चा अध्यक्ष विमान बोस ने कहा, हमने फैसला किया है कि दिशाभ्रष्ट राजनीति करने वाले इस तरह के संगठनों से उन्हें प्रतिबंधित करके नहीं निपटा जा सकता है। इन संगठनों की गतिविधियों का मुकाबला राजनैतिक तौर पर किया जाना महत्वपूर्ण है।
   

भाकपा—माओवादी का गठन दो प्रतिबंधित नक्सली संगठनों एमसीसी और भाकपा—माले के विलय के बाद किया गया था। उसे लश्कर और सिमी समेत 34 अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में डाल दिया गया है। भाकपा—माओवादी को प्रतिबंधित करने का उददेश्य उसके धन के स्रोतों और उसकी गतिविधियों को जनता के एक तबके से मिलने वाले समर्थन पर रोक लगाना है।
   

इस बीच, माओवादियों का 48 घंटे का पांच राज्यों का बंद सोमवार शुरू हुआ। इस बंद का आहवान लालगढ़ में सुरक्षा बलों के अभियान के खिलाफ किया गया है। भट्टाचार्य ने माओवादियों के साथ गतिरोध पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चिदंबरम से शनिवार को मुलाकात की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:केंद्र ने भाकपा माओवादी को प्रतिबंधित किया