class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एसएफआईओ के लिए अलग कानून की सिफारिश

सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने गंभीर अपराध जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के लिए एक अलग कानून की सिफारिश की है। जिसमें विसल ब्लोअर के लिए भी प्रावधान हो ताकि वित्तीय घपलों पर नियंत्रण किया जा सके। विसल ब्लोअर वह व्यक्ति होता है जो कंपनी या संगठन में किसी गलत कार्य की सूचना देता है। 
   

वेपा कामेसम समिति ने निगमित मामलों के मंत्रालय को सुझाव दिया है कि अल्पकालिक स्तर पर कंपनी कानून और र्दीघकालिक स्तर पर एसएफआईओ कानून में विसल ब्लोअर नीति होनी चाहिए ताकि निगमित घपलों को शुरुआती चरण में ही पता चल सके।
   

सरकार ने इस एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए 2006 में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वेपा कामेसम की अध्यक्षता में यह आठ सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रपट हाल ही में मंत्रालय को सौंपी। जिसमें एसएफआईओ के लिए भावी कार्ययोजना सुझाई गई है। सूत्रों के अनुसार इस रपट में सत्यम कंप्यूटर घोटाले को भी ध्यान में रखा गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एसएफआईओ के लिए अलग कानून की सिफारिश