class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पेट्रोल़, डीजल के दाम बढ़ाने की संभावना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के मद्देनजर सरकार पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करने पर विचार कर रही है।
   

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर प्रतिदिन 135 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और सरकार नुकसान की भरपाई की संभावना तलाश रही है।
   

उन्होंने कहा कि समान रूप से बोझ सहन करने के सिद्धांत से उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी बर्दाश्त करना पड़ेगा, जबकि शेष घाटे की भरपाई कंपनियों को तेल बांड जारी कर की जाएगी। 
   

अधिकारी ने कहा कि देश के कच्चे तेल आयात का बास्केट जून के दूसरे पखवाड़े में औसतन 70.49 डालर प्रति बैरल का रहा, जबकि मई में यह 58 डालर प्रति बैरल का था। यह सरकार के लिए चिंता की वजह है। उन्होंने कहा,  सरकारी तेल कंपनियों को डूबने से बचाने के लिए हमें कार्रवाई करनी है। 
   

अधिकारी ने कहा,  अगर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करते हैं तो उपभोक्ताओं को ईंधन कीमत में बढ़ोत्तरी से बचाया जा सकता है।  वर्तमान में पेट्रोल पर 11.35 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल पर 1.60 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लगता है। इसके अलावा दोनों ईंधनों पर 2 रुपये प्रति लीटर सड़क उपकर लगाया जाता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पेट्रोल़, डीजल के दाम बढ़ाने की संभावना