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सनसेट क्लाज के साथ लाना चाहिए प्रोत्साहन पैकेज: सीआईआई

भविष्य में बढ़ते राजकोषीय घाटे को लेकर आशंका जताते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई ने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिये सरकारी प्रोत्साहन उपायों के साथ एक पटाक्षेप का उपबंध भी जोड़ा जाना चाहिए। जिसमें स्पष्ट किया जाए कि ये उपाय किस तिथि को समाप्त होंगे।


सीआईआई ने कहा, सभी राहत उपायों को सनसेट क्लाज "पटाक्षेप के उपबंध" के साथ लाया जाना चाहिए ताकि अर्थव्यवस्था तथा उद्योग संकटों से उबरने पर उन्हें समाप्त कर दिया जाए। उद्योग मंडल ने बढ़ते पूंजीगत व्यय के मद्देनजर आगामी बजट में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने की की पुरजोर मांग की है।  
    

सीआईआई के मुताबिक प्रोत्साहन पैकेज इस रूप में दिये जाने चाहिए। जिससे व्यय बढ़े लेकिन राजस्व घाटे में कोई बढ़ोतरी नहीं हो। उद्योग मंडल का कहना है कि इस लिहाज से बड़े बुनियादी ढांचों पर व्यय अहम होगा। इससे अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी और ऐसे व्यय को हमेश जारी रखने की जरूरत भी नहीं होगी। गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था को नरमी से उबारने के लिये सरकार ने पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में तीन प्रोत्साहन पैकेज दिये थे। इन पैकेजों के कारण राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2008-09 में करीब 6 फीसद रहा। हालांकि शुरू में इसके जीडीपी के 2.5 फीसदी के अंदर रहने का अनुमान था।

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  • Web Title:सनसेट क्लाज के साथ लाना चाहिए प्रोत्साहन पैकेज: सीआईआई