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बिहार के अभियंताओं ने किया काम बंद

बिहार के सीतामढ़ी पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता योगेन्द्र पांडेय की संदिग्ध मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार से राज्य के अभियंताओं ने काम ठप कर दिया है।

बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (बेसा) का कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 25 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

अभियंताओं के काम ठप कर देने से राज्य के विकास कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बेसा के महासचिव राजेश्वर मिश्र ने बताया कि राज्य के 20 हजार से ज्यादा अभियंता सोमवार को काम पर नहीं गए। उन्होंने कहा कि 24 जून को पटना में प्रदर्शन किया जाएगा, इसके बाद भी उनकी मांग नहीं मानी गई तो 25 जून से राज्य में सभी अभियंता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

बेसा का आरोप है कि पांडेय की संदिग्ध मौत के लिए संवेदक किशोर सिंह एवं सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) छत्रनिल सिंह दोषी हैं। एसपी ने पांडेय द्वारा सुरक्षा मांगने पर भी उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई। संघ ने उनके पॉकेट से मिले कथित सुसाइड नोट की भाषा पर भी प्रश्न खड़ा किया है।

बेसा ने संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई से कराने तथा मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा तथा पांडेय की पुत्री को अलग से 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग सरकार से की है।

उल्लेखनीय है कि सीतामढ़ी जिला के समाहरणालय (जिलाधिकारी कार्यालय) भवन की तीसरी मंजिल से गुरुवार को कथित तौर पर कूदकर पांडेय ने अपनी जान दे दी थी।

पुलिस के अनुसार उनके पॉकेट से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था जिसमें लिखा था मैं विभाग में काम करने के लायक नहीं हूं। विभाग भी मुझे नाकाम अधिकारी समझता है। इस कारण मुझे जीने का हक नहीं है।

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