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सरकार ने माना कम नहीं हो रही हैं आपराधिक घटनाएं

दिल्ली पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी आपराधिक घटनाएं थमने का  नाम नहीं ले रही हैं। खासतौर से सरेआम झपटमारी व वाहन चोरी की घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।

झपटमारी की वारदातों तो में 25 फीसदी से ज्यादा तक की वृद्धि हुई है जबकि वाहन चोरी के मामलों में करीब 12 फीसदी का इजफा हुआ है। यह खुलासा विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान लिखित जवाब के दौरान हुआ।

हालांकि प्रश्नकाल के दौरान हत्या व डकैती सहित कुल आईपीसी की धारा में कमी का ब्यौरा दिया गया है लेकिन सरेआम भीड़भाड़ वाले इलाके में झपटमारी जैसी वारदातों में बेतहाशा वृद्धि होने से बदमाशों के हौंसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल जहां 31 मई तक झपटमारी की 250 घटनाएं दर्ज की गई थीं वहीं इस साल इस अवधि में यह संख्या बढ़कर 318 तक जा पहुंची है। इसके अलावा वाहन चोरी की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है।

वाहन चोरी की घटनाएं तो हर साल बढ़ रही हैं। पिछले साल जहां 3938 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए थे। इस साल बढ़कर 4362 तक पहुंच गए हैं। कमी आई है तो हत्या व डकैती की घटनाओं में। पिछले साल हत्या के 229 मामले दर्ज किए गए थे।

इस साल यह आंकड़ा 214 है। यानि हत्या के मामलों में करीब सात फीसदी की कमी आई है। वहीं डकैती के दस मामले में पिछले साल दर्ज किए गए थे। इस साल यह संख्या आठ है। प्रतिशत के हिसाब से करीब बीस फीसदी की गिरावट है।

आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामले कम दर्ज हुए हैं। पिछले साल 20,107 मामले दर्ज किए गए थे जो इस साल घटकर 19,371 पर पहुंच गए हैं।

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